We will collectively sort out the battle in West Asia What PM Modi mentioned in Mann Ki Baat पश्चिम एशिया के युद्ध से हम सब मिलकर निपटेंगे, ‘मन की बात’ में क्या बोले पीएम मोदी, India News in Hindi
अपने मासिक रोडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि इससे हम सभी 140 करोड़ भारतवासियों को मिलकर निपटना है। प्रधानमंत्री मोदी ने जल संरक्षण की अपील भी की।
मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के चलते जो भी परिस्थितियां पैदा हो रही हैं, उनसे हम सभी 140 करोड़ भारतवासियों को मिलकर निपटना है। उन्होंने कहा, इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि स्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं। पीएम मोदी ने कहा, मैं अपने देशवासियों से कहना चाहता हूं कि आप सभी सतर्क रहें और किसी भी अफवाह पर ध्यान ना दें। इसके अलावा पीएम मोदी ने खेलों का जिक्र करते हुए युवाओं को प्रोत्साहित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने जल संरक्षण की भी अपील की है।
खाड़ी देशों का जताया आभार
प्रधानमंत्री ने कहा, मैं खाड़ी देशों में रह रहे और वहां काम करे एक करोड़ भारतीयों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए उन देशों का हार्दिक आभारी हूं। ऐसे कठिन समय में इस मामले में कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मन की बात के 132वें एपिसोड में कहा, मैं देशवासियों से आग्रह करता हूं कि सभी एकजुट रहें और हमें इस चुनौती से बाहर निकलना है। जो लोग राजनीति कर रहे हैं उन्हें इसपर राजनीति नहीं करनी चाहिए। यह मामला 140 करोड़ देशवासियों के हित से जुड़ा है। सरकार जो निरंतर जानकारी दे रही है लोगों को केवल उसपर ही विश्वास करना चाहिए।
ऊर्जा का केंद्र है पश्चिम एशिया
प्रधानमंत्री ने कहा, जिस क्षेत्र में युद्ध चल रहा है वह हमारी ऊर्जा की आवश्यकताओं का सबसे बडा़ केंद्र है। दुनियाभर में डीजल और पेट्रोल को लेकर संकट की स्थिति बन रही है। भारत इन परिस्थितियों का भी डटकर सामना कर रहा है। लाखों परिवार उन देशों में काम करते हैं जो कि युद्ध की चपेट में हैं। ऐसे में मैं उन देशों का आभारी हूं जो कि 1 करोड़ से ज्यादा भारतीयों की मदद कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मार्च का महीना वैश्विक स्तर पर काफी उथल-पुथल वाला रहा। पहले भी मार्च में कोविड को लेकर हाहाकार मचा था। हमें लगा था कि कोविड से निकलने के बाद दुनिया नए रास्ते पर आगे बढ़ेगी। हालांकि दुनिया में लगातार युद्ध की परिस्थितियां बनती चली गईं जो कि दुर्भाग्यपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र हमारे ऊर्जा जरूरतों, कच्चा तेल, गैस आदि ईंधन का प्रमुख केंद्र है। इस क्षेत्र में चल रहे युद्ध के कारण दुनिया भर में पेट्रोल, डीजल और गैस का संकट बन रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही मुश्किल हो गई है, जिससे व्यापार मार्ग प्रभावित हो रहे हैं। सरकार पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है। देश में स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व 5.3 मिलियन टन से ज्यादा है और इसे बढ़ाया जा रहा है।
