Today Iftar Timing, 1 March 2026: रमजान के पाक महीने के का आज 11वां रोजा है। आज का रोजा भी अपने आप में खास होता है। रमजान में मुस्लिम समाज के लोग पूरे 30 दिन का रोजा रखते। इसमें सुबह के वक्त सेहरी खाते हैं और फिर शाम को इफ्तारी करते हैं। सेहरी और इफ्तारी के बीच पूरे दिन न कुछ खाते हैं और न ही पीते हैं। अगर आपने भी रोजा रखा है, तो आइए जानते हैं कि आपके शहर में कितने बजे इफ्तारी होगी।
लखनऊ में आज कितने बजे होगी इफ्तारी?
उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में आज, 1 मार्च 2026 को इफ्तारी के समय अलग-अलग है।प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज इफ्तारी का समय शाम 06:08 बजे रहेगा, जबकि कानपुर में रोजा खोलने का वक्त 06:11 बजे निर्धारित है। संगम नगरी प्रयागराज में शाम 06:01 बजे और वाराणसी में इफ्तारी 06:00 बजे होगी। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ में आज रोजा इफ्तार का समय शाम 06:22 बजे रहेगा।
1 मार्च के इफ्तारी का वक्त (1 March 2026 Roza Iftar Timing)
इफ्तारी से पहले जरूर पढ़ें रोजा खोलने की ये दुआ (Roza Kholne Ki Dua in Hindi)
‘अल्लाहुम्मा इन्नी लका सुम्तु, व बिका आमन्तु, व अलैका तवक्कल्तु, व अला रिज़्किका अफ़्तरतु।’
अर्थ- ऐ अल्लाह! मैंने तेरे लिए रोज़ा रखा, तुझ पर ईमान लाया, तुझ पर भरोसा किया और तेरी दी हुई रोजी से रोजा खोला।
अंग्रेजी में रोजा खोलने की दुआ (Roza Kholne Ki Dua in English)-
‘Allahumma inni laka sumtu wa bika aamantu wa ‘alayka tawakkaltu wa ‘ala rizqika aftartu.’
Meaning- O Allah! I fasted for You, I imagine in You, I belief in You and with Your sustenance I break my quick.
अरबी में रोजा खोलने की दुआ (Roza Kholne Ki Dua in Arabic)-
اللَّهُمَّ إِنِّي لَكَ صُمْتُ وَبِكَ آمَنْتُ وَعَلَيْكَ تَوَكَّلْتُ وَعَلَى رِزْقِكَ أَفْطَرْتُ
कल 2 मार्च को सेहरी की टाइमिंग ( 1 March 2026 Roza Sehri Timing)
सेहरी की दुआ
- अंग्रेजी में रोजा रखने की दुआ (Roza Rakhne Ki Dua in English)
‘Wa bisawmi ghadin nawaiytu min shahri Ramadan.’
Meaning- I intend to maintain the quick for tomorrow within the month of Ramadan.-
अरबी में रोजा रखने की दुआ (Roza Rakhne Ki Dua in Arabic)
وَبِصَوْمِ غَدٍ نَوَيْتُ مِنْ شَهْرِ رَمَضَانَ
अगर कोई व्यक्ति सिर्फ दिल में यह इरादा कर ले कि वह अल्लाह की रजा के लिए रोजा रख रहा है, तो उसकी नीयत पूरी मानी जाती है।
सेहरी और इफ्तारी में क्या होता है अंतर?
रजमान में सेहरी और इफ्तारी दोनों का अपना अलग महत्व है। दोनों के बिना ही रोजा अधूरा होता है। सेहरी सुबह के वक्त के खाने को कहा जाता है, जो सूर्योदय से पहले खाया जाता है इसे खाकर ही रोजा रखा जाता है। वहीं इफ्तारी सूरज के ढलने के बाद होती है। मान्यताएं हैं कि अगर खजूर और पानी पीकर रोजा खोला जाए, तो काफी अच्छा होता है। इस्लाम धर्म में रोजा काफी अहम पर्व में से एक है। 30 दिन के रोजे के बाद ईद आती है।
इसके अलावा रमजान में जुमे की नमाज का भी अपना अलग महत्व है। इस साल रमजान में पहला और दूसरा जुमा 20 और 27 फरवरी को पड़ गया है। वहीं तीसरा जुमा 6 मार्च को आएगा, चौथा जुमा 13 मार्च को और आखिरी यानी पांचवां जुमा 20 मार्च को होगा।