Tuesday, March 10, 2026
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Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी पर देवी को क्यों लगाते हैं बासी खाने का भोग? जानें पूजा विधि और महाउपाय – Sheetala Ashtami 2026 date shubh muhurt basoda puja Vidhi basi khane ke bhog upay tvisu

Sheetala Ashtami 2026: चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को शीतला अष्टमी के रूप में मनाया जाता है. इस पर्व को कई स्थानों पर बसोड़ा या बसोड़ा अष्टमी भी कहा जाता है. यह त्योहार विशेष रूप से उत्तर भारत के राज्यों जैसे गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में अधिक लोकप्रिय है. मान्यता है कि यह पर्व लोगों को रोग-संक्रमण से बचाने की कामना से मनाया जाता है. इस दिन अंतिम बार बासी भोजन ग्रहण किया जाता है. इसके बाद बासी भोजन खाने की अनुमति नहीं होती है. आइए इस पर्व के बारे में विस्तार से जानते हैं.

शीतला अष्टमी 2026 तिथि
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल चैत्र कृष्ण अष्टमी 11 मार्च की देर रात 1 बजकर 54 मिनट से लेकर 12 मार्च की सुबह 4 बजकर 19 मिनट पर होगा. उदिया तिथि के आधार पर शीतला अष्टमी का त्योहार 11 मार्च को मनाया जाएगा.

मां शीतला की महिमा
मां शीतला का वर्णन स्कंद पुराण में मिलता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां शीतला का स्वरूप शीतल और रोगों का नाश करने वाला बताया गया है. मां शीतला का वाहन गधा है. उनके हाथों में कलश, सूप, झाड़ू और नीम की पत्तियां होती हैं. गर्मी के मौसम में इनकी पूजा का महत्व अधिक बताया गया है. मां शीतला की पूजा के लिए शीतला अष्टमी का दिन ही सबसे उत्तम माना जाता है.

शीतला अष्टमी की पूजा विधि
शीतला अष्टमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और पूजा की तैयारी करें. एक थाली में पुआ, दही, रोटी, बाजरा और सप्तमी के दिन गुड़ से बनाए गए मीठे चावल रख लें. दूसरी थाली में आटे से बना दीपक रखें और उसके साथ रोली, वस्त्र, अक्षत, हल्दी, मेहंदी और कुछ सिक्के रखें. दोनों थालियों के साथ ठंडे पानी से भरा एक लोटा भी रखें. इसके बाद माता शीतला की पूजा करें और उन्हें बारी-बारी सभी सामग्रियां अर्पित करें.

पूजा के बाद अपने और परिवार के सदस्यों के माथे पर हल्दी का तिलक लगाएं. फिर घर के पास जिस स्थान पर होलिका दहन हुआ था, वहां जाकर भी पूजा करें. घर लौटने के बाद उस स्थान की भी पूजा करें जहां घर में पानी रखा जाता है. पूजा के जल को घर के लोगों की आंखों में लगाने के लिए दें और शेष जल को घर में छिड़क दें.

बच्चों के स्वास्थ्य के लिए विशेष उपाय
शीतला अष्टमी के दिन बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए मां शीतला को चांदी का एक चौकोर टुकड़ा अर्पित करना शुभ माना जाता है. ध्यान रखें कि उस चांदी के टुकड़े पर मां शीतला की आकृति बनी हो. इसके बाद मां शीतला को खीर का भोग लगाएं और बच्चे के साथ बैठकर उनकी पूजा करें. पूजा के बाद उस चांदी के चौकोर टुकड़े को लाल धागे में बांधकर बच्चे के गले में पहना दें.

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Suhas
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Suhas Bhokare is a journalist covering News for https://onlinemaharashtra.com/
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