शेयर बाजार में 9 मार्च को आई भारी गिरावट की 4 बड़ी वजह हैं। इनमें कच्चे तेल में उछाल, विदेशी निवेशकों की बिकवाली, रुपये में कमजोरी और ग्लोबल मार्केट में कमजोरी शामिल हैं।
1) कच्चे तेल में उछाल: ब्रेंट क्रूड की कीमत शुरुआती कारोबार में लगभग 26 प्रतिशत बढ़कर लगभग 119 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गई, जो जुलाई 2022 के बाद का उच्चतम स्तर है। इराक और कुवैत ने तेल उत्पादन में कटौती शुरू कर दी है।
2) कमजोर वैश्विक संकेत: एशियाई बाजारों में भी भारी बिकवाली देखी गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 7 प्रतिशत से अधिक गिर गया और जापान का निक्केई 225 सूचकांक 6.5 प्रतिशत नीचे आ गया। चीन का शंघाई एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक भी निचले स्तर पर कारोबार कर रहे थे।
3) लगातार विदेशी संस्थागत निवेशकों की निकासी: विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 6,030.38 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर अपनी बिक्री जारी रखी।
4) कमजोर रुपया: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और अमेरिकी मुद्रा के मजबूत होने के बीच, रुपया सोमवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 46 पैसे गिरकर 92.28 पर आ गया, जो सर्वकालिक निचला स्तर है।