नई दिल्ली| दिन भर तेजी के बाद आखिर ऐसा क्या हुआ कि सोना 1,500 रुपए और चांदी 8100 रुपए (gold silver price crash today) तक टूट गई? बाजार में आई इस अचानक गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है। ऑल इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश सिंघल का कहना है कि इस गिरावट के पीछे एक-दो नहीं बल्कि कई ग्लोबल संकेत छिपे हैं। जिसमें मिडिल ईस्ट, अमेरिका के अलावा पौलैंड जैसे देश भी शामिल हैं।
MCX पर कितनी सस्ता हो गया सोना?
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर गोल्ड (2 अप्रैल 2026 एक्सपायरी) का भाव गिरकर 1,43,460 रुपए प्रति 10 ग्राम तक आ गया। दिन में यह 1,48,302 रुपए तक खुला था। कारोबारी सत्र के दौरान इसने 1,48,457 रुपए तक हाई और 1,43,385 का लो लेवल भी बनाया।
हालांकि रात 9 बजे के बाद 1,494 रुपए (-1.03%) टूटकर (Gold Price Crash Today) कारोबार कर रहा था। अगर पिछले क्लोज और आज के लो लेवल की बात करें तो गोल्ड 1569 रुपए प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया।
MCX पर चांदी के दाम कितने गिरे?
वहीं चांदी (5 मई 2026 एक्सपायरी) में और बड़ी गिरावट दिखी। सिल्वर का भाव 2,25,910 रुपए प्रति किलो पर ट्रेड करता दिखा। दिन में यह 2,39,948 रुपए पर खुला था। ट्रेडिंग के दौरान इसने 2,40,000 रुपए का हाई लेवल और 2,23,305 रुपए का लो लेवल बनाया।
लेकिन देर रात 5,550 रुपए (-2.40%) की भारी गिरावट ( Gold Silver Price Today) के साथ कारोबार करता दिखा। पिछले क्लोज और आज के लो लेवल की तुलना करेंत तो इसमें 8155 रुपए की भारी गिरावट आई।
एक्सपर्ट ने गिरावट की बताईं कई वजह
ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल उठने लगे कि आखिर दिन भर की तेजी के सोने-चांदी में गिरावट आई क्यों? इसे लेकर ऑल इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश सिंघल (Yogesh Singhal Gold Prediction) ने जागरण बिजनेस से खास बातचीत की और गिरावट की एक-दो नहीं बल्कि कई वजह हैं। योगेश सिंघल का कहना है कि
यह गिरावट अचानक नहीं बल्कि ‘करेक्शन’ है। जनवरी में सोने-चांदी ने रिकॉर्ड तेजी दिखाई थी, इसलिए अब बाजार में मुनाफावसूली हो रही है। लेकिन सिर्फ करेक्शन ही वजह नहीं है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने भी बाजार को हिला दिया है। होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से तेल की सप्लाई पर असर पड़ा है, जिससे क्रूड ऑयल की कीमतें 60 डॉलर से बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। इससे वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ी है।
अमेरिकी डॉलर और फेड मीटिंग ने भी बनाया दवाब
उन्होंने बताया कि, अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने भी सोने-चांदी पर दबाव बनाया। युद्ध जैसे हालात में निवेशक डॉलर को सुरक्षित मानते हैं, जिससे डॉलर इंडेक्स मजबूत होता है। और जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोना-चांदी कमजोर पड़ते हैं। फेडरल रिजर्व की हालिया मीटिंग ने भी बाजार का मूड बदला है। ब्याज दरों को लेकर सख्त संकेतों से निवेशकों ने कीमती धातुओं से दूरी बनानी शुरू कर दी।
पोलैंड के फैसले से गिरा सोना
योगेश सिंघल ने गिरावट की एक और बड़ी वजह बताई- यूरोप का देश पोलैंड। उन्होंने कहा कि
पोलैंड ने करीब 13 बिलियन डॉलर जुटाने के लिए सोना बेचने की योजना बनाई है। अगर 70-80 टन सोना बाजार में आता है, तो सप्लाई बढ़ेगी और कीमतों पर दबाव आना तय है। इस खबर का असर तुरंत बाजार में दिखा।
हालात यह हैं कि ज्वैलरी बाजारों में भी सन्नाटा है। लोग खरीदारी से बच रहे हैं, जिससे डिमांड कमजोर हो गई है। हालांकि सिंघल का मानना है कि अप्रैल के दूसरे हफ्ते से मांग में सुधार आ सकता है और कीमतें फिर से संभल सकती हैं।
उन्होंने कहा कि जहां दुनिया डी-डॉलराइजेशन की बात कर रही थी, वहीं मिडिल ईस्ट वॉर ने उल्टा “री-डॉलराइजेशन” को बढ़ावा दे दिया है, जिससे डॉलर और मजबूत हुआ है।
कहां तक गिरेंगे सोने-चांदी के दाम? (Yogesh Singhal Gold Silver Prediction)
योगेश सिंघल के मुताबिक:
- मार्च के अंत तक सोना ₹1,40,000 तक गिर सकता है।
- चांदी ₹2,00,000 तक आ सकती है।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अप्रैल के दूसरे हफ्ते से डिमांड बढ़ने के संकेत हैं, जिससे कीमतों में फिर तेजी आ सकती है। उन्होंने निवेशकों को सलाह भी दी है कि-
- पैनिक बाइंग (घबराकर खरीदना) से बचें
- पैनिक सेलिंग (घबराकर बेचना) न करें
- लोन लेकर सोना-चांदी खरीदना जोखिम भरा है
- अगर नुकसान हुआ है तो स्थिरता आने का इंतजार करें
योगेश सिंघल साफ कहते हैं- “कीमतें गिरती हैं तो वापस भी जाती हैं, बस थोड़ा वक्त लगता है।” कुल मिलाकर, अभी सोना-चांदी का बाजार अनिश्चितता के दौर में है। गिरावट ने निवेशकों को डरा दिया है, लेकिन एक्सपर्ट मानते हैं कि यह स्थायी नहीं है- बस सही समय का इंतजार करना होगा।