दीपेंद्र द्विवेदी | कानपुर17 घंटे पहले
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छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के फार्मास्यूटिकल साइंसेज विभाग में 13 और 14 मार्च को विज्ञान और तकनीक का बड़ा संगम होने जा रहा है। यूनिवर्सिटी में ‘दवा की खोज और विकास’ विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (ISSGP-2026) का आयोजन किया जाएगा।
इस सम्मेलन का मुख्य केंद्र यह समझना है कि आने वाले वक्त में दवाइयों की खोज और मरीजों के इलाज में किस तरह के नए बदलाव आने वाले हैं।इस कार्यक्रम में देश-दुनिया के नामी वैज्ञानिक और दवा कंपनियों के विशेषज्ञ जुटेंगे, जो स्वास्थ्य क्षेत्र में नई शोध और तकनीकी सहयोग को लेकर अपनी बात रखेंगे।
इलाज में AI कारगर होगी सम्मेलन की सबसे खास बात कनाडा की यूनिवर्सिटी ऑफ अल्बर्टा के प्रो. नील एम. डेविस का संबोधन होगा। वे ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती भूमिका पर चर्चा करेंगे। वे बताएंगे कि कैसे एआई की मदद से दवाइयों के आविष्कार की प्रक्रिया को तेज किया जा सकता है और वैज्ञानिक रिसर्च को पब्लिश करने में यह तकनीक कितनी मददगार साबित हो रही है।
जीन थेरेपी और प्राकृतिक उत्पादों पर होगी चर्चा दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में कई तकनीकी सत्र होंगे। इसमें शामिल होने वाले शोधार्थी और वैज्ञानिक न केवल भाषण देंगे, बल्कि पोस्टर प्रेजेंटेशन के जरिए अपने शोध को भी प्रदर्शित करेंगे। चर्चा के मुख्य विषयों में प्राकृतिक उत्पादों से दवा बनाना, जीन थेरेपी, और टिकाऊ स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि इन नए प्रयोगों से भविष्य में गंभीर बीमारियों का इलाज आसान और सस्ता हो सकता है।
दिग्गज वैज्ञानिकों और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का जमावड़ा सम्मेलन में लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रो. पी.के. त्रिपाठी, सीडीआरआई के डॉ. राकेश मौर्य, और ऑस्ट्रेलिया के डॉ. नितिन चित्रांशी जैसे दिग्गज हिस्सा लेंगे। साथ ही कानपुर की सिग्ना फार्मास्यूटिकल्स और अमर फार्मा जैसे उद्योग जगत के विशेषज्ञ भी मौजूद रहेंगे। यह मंच छात्रों और नए शोधार्थियों के लिए एक बड़ा अवसर है, जहाँ वे सीधे अनुभवी वैज्ञानिकों से मिलकर दवाइयों की दुनिया के नए ट्रेंड्स को समझ सकेंगे।
