दीपेंद्र द्विवेदी | कानपुर17 घंटे पहले
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छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के शिक्षा विभाग में सोमवार से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित इनोवेशन वर्कशॉप की शुरुआत हुई। ‘द एआई एनहैंस्ड एजुकेटर’ थीम पर आयोजित इस कार्यशाला के माध्यम से छात्रों को भविष्य की तकनीक से परिचित कराया जा रहा है। शिक्षा विभाग और अकैडलर्न संस्था के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस कार्यक्रम में छात्रों को बताया जा रहा है कि एआई की मदद से पढ़ाई और कौशल को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है।
छात्रों को यूजर से ‘डेवलपर’ बनाने पर जोर विश्वविद्यालय के एआई प्रज्ञा मिशन की नोडल अधिकारी डॉ. अंशु सिंह ने बताया कि अब तक विश्वविद्यालय में डेटा साइंस और मशीन लर्निंग से जुड़े कई प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, लेकिन अब लक्ष्य इससे आगे बढ़कर छात्रों को एआई टूल्स के उपयोगकर्ता से डेवलपर बनाना है। विश्वविद्यालय मिशन मोड में काम कर रहा है ताकि छात्र ऐसे प्लेटफॉर्म विकसित कर सकें, जो समाज और शिक्षा के क्षेत्र में उपयोगी साबित हों।

आधुनिक जरूरतों के हिसाब से बदल रही पढ़ाई शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ. तनुजा भट्ट ने कहा कि वर्तमान समय में केवल किताबों तक सीमित ज्ञान पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों के व्यक्तित्व के समग्र विकास के लिए विभाग लगातार नए प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जो सीधे तौर पर छात्रों के करियर और आधुनिक तकनीक से जुड़े होंगे।
हाइब्रिड मोड में 120 प्रतिभागी शामिल वर्कशॉप का आयोजन हाइब्रिड मोड यानी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किया जा रहा है। इसमें कुल 120 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। उद्घाटन सत्र में अकैडलर्न के संस्थापक अच्युत सिंह ने संस्था की गतिविधियों की जानकारी दी, जबकि अतिथि वक्ता ईशान सिंह ने एआई की बुनियादी अवधारणाओं और इसके उपयोग पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद कार्यक्रम का संचालन डॉ. रत्नर्त्तु मिश्रा ने किया, जबकि आयोजन की जिम्मेदारी डॉ. गोपाल सिंह ने संभाली। इस दौरान डॉ. रश्मि गोरे, डॉ. प्रियंका मौर्या, डॉ. विमल सिंह, डॉ. बद्री नारायण मिश्रा, डॉ. आर.पी. सैनी और डॉ. कल्पना अग्निहोत्री समेत विभाग के कई शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में एआई का बढ़ता उपयोग आने वाले समय में बड़े बदलाव लेकर आएगा।
