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(as of Mar 18, 2026 11:31:29 UTC – Details)
9789351867319 : Azad Bachpan Ki Ore
अस्सी के दशक के बाद से विगत कुछ वर्षों तक लिखे गए मेरे लेखों ने बाल मजदूरी, बाल दुर्व्यापार, बाल दासता, यौन उत्पीड़न, अशिक्षा आदि विषयों को सैद्धांतिक और व्यावहारिक आधार दिया। जहाँ तक मेरी जानकारी है, ये बच्चों के अधिकारों से संबंधित विषयों पर लिखे गए सबसे शुरुआती लेख हैं। मैं आपको विनम्रतापूर्वक बताना चाहूँगा कि ये लेख ऐसे ऐतिहासिक दस्तावेज हैं, जिन्होंने भारत में ही नहीं, दुनिया भर में बाल अधिकारों के आंदोलन को जन्म दिया। साधारण लोगों से लेकर बुद्धिजीवियों, कानून निर्माताओं तथा संयुक्त राष्ट्र संघ तक में हलचल पैदा की। मैंने पैंतीस सालों में इन्हीं विचारों की ताकत को संगठनों व संस्थाओं के निर्माणों, सरकारी महकमों के गहन शोध प्रबंधों, ‘कॉरपोरेट जगत् की नीतियों, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कानूनों और सरकारी बजटों में परिवर्तित होते देखा है। ——कैलाश सत्यार्थी
9789355213877 : Kailash Satyarthi Ke Jeevan Ke Prerak Prasang
पुरस्कारों से ऊपर भी व्यक्ति की एक छवि होती है, उल्लेखनीय प्रयास होते हैं, अनगिनत सराहनीय उपलब्धियाँ होती हैं। बाल अधिकार कार्यकर्ता के रूप में नोबेल पुरस्कृत कैलाश सत्यार्थीजी की उपलब्धियों पर न जाने कितना कुछ लिखा जा चुका है; लेकिन जब हम उनके जीवन को गहराई से देखेंगे तो पाएंगे कि वे जितने जुझारू बाल अधिकार कार्यकर्ता हैं, उतने ही संवेदनशील और भावुक व्यक्ति भी हैं । उनके जीवन में बचपन से ही इतने रंग, इतने कलेवर दिखते हैं, जो अविश्वसनीय लगते हैं लेकिन सत्य हैं और किसी के लिए भी प्रेरणा के स्रोत हो सकते हैं।
मशीनीकरण के इस युग में हम इनसान मशीनों के हाथ की कठपुतलियाँ बनते जा रहे हैं। मानवीय संवेदनाएँ गौण होती जा रही हैं। सत्यार्थीजी के जीवन के कुछ चुनिंदा प्रसंगों से तैयार यह पुस्तक पाठकों को मानवीय मूल्यों और करुणा के भाव से भर देगी।
छोटी-छोटी घटनाओं को पिरोकर प्रेरक प्रसंगों की एक पुस्तक के रूप में प्रस्तुत करने के पीछे उद्देश्य एक ऐसी नर्सरी तैयार करना है, जहाँ समाज को सँवारने वाले भविष्य के कई कैलाश सत्यार्थी तैयार हो सकें ।
9789355217301 : Sapanon ki Roshani
एक छोटे शहर और सामान्य परिवेश से निकलकर नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित अंतरराष्ट्रीय ख्याति के व्यक्ति बनने तक के लेखक श्री कैलाश सत्यार्थी के अनुभवों पर आधारित यह पुस्तक पाठकों के लिए एक बेशकीमती उपहार हैं ।
प्रस्तुत पुस्तक में कोई उपदेश नहीं दिए गए हैं। इसमें ऐसी ढेरों कहानियाँ हैं, जिनके माध्यम से लेखक ने सिखाया है कि आशा और निराशा, स्पष्टता और असमंजस, सफलता और असफलता, खुशी और दुःख, आसानी और मुश्किलें, चिंताएँ और मस्ती जैसे सारे अनुभवों के बीच सहज भाव से आगे बढ़ते हुए सफलता की सीढ़ियाँ चढ़ी जा सकती हैं।
श्री कैलाश सत्यार्थी ने बहुत सुंदर तरीके से और जीवन के उदाहरणों के माध्यम से समझाया है कि यदि जीवन का फोकस ‘क्या बनना है’ की जगह ‘क्या करना है’, की तरफ मोड़ दिया जाए तो उसके चमत्कारी परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने मात्र 17 साल की उम्र में जीवन के अपने कुछ सूत्र तय कर लिये थे और परिस्थितियाँ चाहे जैसी भी रही हों, उन सूत्रों को उन्होंने मजबूती से थामे रखा; और परिणाम सामने है। इसलिए हमने उन जीवन – सूत्रों को ‘सफलता के सूत्र’ कहा है और पूरा विश्वास है पुस्तक पढ़ने के बाद आप भी इस मत से सहमत होंगे।
From the Publisher
Azad Bachpan Ki Ore + Kailash Satyarthi Ke Jeevan Ke Prerak Prasang + Sapanon Ki Roshani | Bestseller Books on Child Issues | Society






ASIN : B0DMKBK3G2
Publisher : Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
Publication date : 8 November 2024
Language : Hindi
Print size : 584 pages
Item Weight : 350 g
Dimensions : 22 x 14 x 1.4 cm
Country of Origin : India
Net Quantity : 3 Count
Packer : BestSellingBooks
Generic Name : Book