ब्रोकरेज फर्म HSBC ने HDFC Bank के शेयर के लिए अपना टारगेट प्राइस घटा दिया है। हालांकि ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। नया टारगेट प्राइस ₹990 है, जबकि पहले यह ₹1,070 था। ब्रोकरेज ने कहा कि बैंक के पार्ट टाइम चेयरमैन का इस्तीफा गवर्नेंस से जुड़ी चिंताओं के बजाय विचारों में मतभेद के कारण हुआ लगता है। HSBC ने चेतावनी दी है कि इस घटनाक्रम से वैल्यूएशन मल्टीपल में कुछ कमी आ सकती है। परफॉर्मेंस मेट्रिक्स में सुधार ही इस असर को कम करने का मुख्य तरीका होगा।
HDFC Bank के पार्ट टाइम चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अतानु चक्रवर्ती ने इस्तीफा दे दिया है। अब केकी मिस्त्री को अंतरिम पार्ट टाइम चेयरमैन नियुक्त किया गया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने उन्हें 19 मार्च 2026 से लेकर अगले 3 महीने की अवधि के लिए अंतरिम पार्ट टाइम चेयरमैन नियुक्त किए जाने को मंजूरी दे दी। अपने इस्तीफे में चक्रवर्ती ने कहा है कि पिछले दो वर्षों में बैंक के अंदर हुए कुछ घटनाक्रम और कार्यप्रणालियां उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं थीं। उनका कार्यकाल 4 मई 2027 को समाप्त हो रहा था।
मैक्वेरी ग्रुप ने HDFC Bank को ‘मर्की बाय लिस्ट’ से किया बाहर
चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद मैक्वेरी ग्रुप पहले ही HDFC Bank को अपनी ‘मर्की बाय लिस्ट’ से हटा चुका है। हालांकि, ब्रोकरेज ने HDFC Bank के शेयर पर अपनी ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस ₹1200 प्रति शेयर निर्धारित किया है। जेपी मॉर्गन चेस ने शेयर को ‘न्यूट्रल’ रेटिंग देते हुए ₹1,090 का टारगेट प्राइस तय किया है। HDFC Bank के शेयर में 23 मार्च को भी गिरावट है। बीएसई पर शेयर शुरुआती कारोबार में 3 प्रतिशत तक टूटकर 756.60 रुपये के लो तक गया। शेयर लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में फिसला है।
शेयर में लगातार तीसरे दिन गिरावट
बैंक का मार्केट कैप गिरकर 11.66 लाख करोड़ रुपये रह गया है। शेयर एक सप्ताह में 10% नीचे आ चुका है। 3 महीनों में यह 23% से ज्यादा की गिरावट देख चुका है। पिछले 6 हफ्तों में से 5 में शेयर में गिरावट दर्ज की गई। तकनीकी रूप से, यह स्टॉक अपने मुख्य मूविंग एवरेज से नीचे गिर गया है और ओवरसोल्ड जोन में चला गया है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 24 है।
हाल ही में बैंक ने अपनी दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर (DIFC) ब्रांच में क्लाइंट ऑनबोर्डिंग में कमियों के चलते 3 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दीं। HDFC Bank ने क्रेडिट सुइस के एडिशनल टियर-1 (AT-1) बॉन्ड की कथित गलत बिक्री (mis-selling) के मामले में 3 सीनियर एग्जीक्यूटिव्स को नौकरी से निकाल दिया है। गलत बिक्री के आरोपों के बाद दुबई फाइनेंशियल सर्विसेज अथॉरिटी ने पिछले सितंबर में बैंक को अपनी DIFC ब्रांच में नए ग्राहक जोड़ने से रोक दिया था।
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