Wednesday, March 18, 2026
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Chaitra Navratri 2026 Live: चैत्र नवरात्र कल से शुरू, सुबह इतने बजे शुरू होगा घटस्थापना का शुभ मुहूर्त – Chaitra Navratri 2026 Live updates ghatsthapana shubh muhurt puja time navratri kab se shuru hai tvisu

Chaitra Navratri 2026: 19 मार्च यानी कल से चैत्र नवरात्र शुरू हो रहे हैं. इस वर्ष चैत्र नवरात्र 19 मार्च से लेकर 27 मार्च तक रहेंगे. नवरात्र में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों को पूजने का विधान है. इसकी शुरुआत चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि पर घटस्थापना के साथ होती है. इस दिन कलश स्थापना के बाद ही लोग उपवास और देवी की विधिवत पूजा आरंभ करते हैं. घर में पूरे नौ दिन सात्विकता और शुद्धि का ख्याल रखा जाता है. फिर अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन के बाद पारण किया जाता है. नवरात्र के शुभ अवसर पर घटस्थापना और व्रत से जुड़ी तमाम जानकारी के लिए जुड़े रहिए Aajtak.in के साथ…

05.37 PM: घटस्थापना में किन बातों का रखें ध्यान?
सुबह जल्दी उठकर स्नान करके साफ-सुथरे वस्त्र पहनें. शारीरिक और मानसिक शुद्धि के बाद ही कलश को स्पर्श करें. कलश स्थापना के समय ध्यान रखें कि वहां बैठने के लिए थोड़ा खाली स्थान जरूर होना चाहिए. ताकि वहां बैठकर ध्यान, जप या पाठ आसानी से किया जा सके. आस-पास गंदगी नहीं होनी चाहिए. जिस स्थान पर कलश स्थापित किया गया है, उसे कभी सूना नहीं छोड़ना चाहिए. वहां हर वक्त कोई न कोई मौजूद होना चाहिए. शौचालय, स्नानघर या रसोई के पास कभी घटस्थापना न करें.

05.20 PM: किस दिशा में करें घटस्थापना?
नवरात्र में घटस्थापना के लिए ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा को सबसे उत्तम माना गया है. इसलिए इसी दिशा में मां दुर्गा की प्रतिमा और कलश स्थापित करना अच्छा माना जाता है. वहीं पूजा करते समय व्यक्ति का मुंह पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए. ध्यान रहे कि कलश हमेशा चंदन की लकड़ी या एक साफ पाटे पर करना अच्छा माना जाता है. इसके पास किसी तरह की गंदगी भी नहीं होनी चाहिए.

05.08 PM: घटस्थापना की विधि क्या है?
नवरात्र के पहले दिन होने वाली घटस्थापना की विधि बेहद सरल है. घटस्थापना का मतलब कलश स्थापित करना है. सबसे पहले एक मिट्टी, ताम्बे या पीतल का कलश लें. कलश के ऊपर एक कलावा या मौली बांधें और उस पर स्वस्तिक बनाएं. इसके बाद इसमें गंगाजल डालें. ऊपर से अक्षत (चावल), सिक्का, सुपारी, हल्दी की गांठ, कमलगट्टा और एक चांदी का सिक्का डाल दें. यदि आपके पास चांदी का सिक्का नहीं है तो एक रुपए का सिक्का भी डाल सकते हैं. कलश के मुख पर आम या अशोक के पत्ते बांध दें. फिर एक नारियल पर चुनरी लपेटकर कलश के ऊपर रख दें. इसके बाद उस कलश को देवी की चौकी या प्रतिमा के पास स्थापित कर दें. इस विधि को ही घटस्थापना कहा जाता है.

05.04 PM: घटस्थापना का शुभ मुहू्र्त क्या है?
19 मार्च को शुरू हो रहे चैत्र नवरात्र में घटस्थापना के दो शुभ मुहूर्त रहने वाले हैं. पहला शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 02 मिनट से सुबह 7 बजकर 43 मिनट तक रहेगा. इसके बाद, आप अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक घटस्थापना कर सकेंगे.

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Suhas
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Suhas Bhokare is a journalist covering News for https://onlinemaharashtra.com/
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