DA Hike: जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक की बकाया राशि को भी सरकार ने वहन करने का निर्णय लिया है। इस अवधि के एरियर का भुगतान मई 2026 से शुरू होकर छह समान किस्तों में किया जाएगा। वहीं, पेंशनभोगियों को जनवरी और फरवरी 2026 के लिए भी 58 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत (डीआर) दी जाएगी।
प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की है कि राज्य सरकार के कर्मचारियों को अब केंद्रीय कर्मचारियों की तरह 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) मिलेगा। यह लाभ 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा और कर्मचारियों को मई के वेतन के साथ बढ़ा हुआ भत्ता दिया जाएगा।
कब से मिलेगा बकाया भुकतान
इस फैसले का सबसे राहत भरा पहलू यह है कि जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक की बकाया राशि को भी सरकार ने वहन करने का निर्णय लिया है। इस अवधि के एरियर का भुगतान मई 2026 से शुरू होकर छह समान किस्तों में किया जाएगा। वहीं, पेंशनभोगियों को जनवरी और फरवरी 2026 के लिए भी 58 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत (डीआर) दी जाएगी।
केरल सरकार ने भी दी है खुशखबरी
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब हाल ही में केरल सरकार ने भी अपने कर्मचारियों के लिए डीए में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर इसे 35 प्रतिशत कर दिया है। इसके अलावा, आठवें वेतन आयोग को लेकर भी हलचल तेज हो गई है। फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशन (एफएनपीओ) ने आयोग से मांग की है कि 50 प्रतिशत डीए को मूल वेतन में विलय कर दिया जाए। संगठन का कहना है कि बढ़ती महंगाई के मद्देनजर कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से अंतरिम राहत दी जानी चाहिए ताकि उनकी क्रय शक्ति में हो रही गिरावट को रोका जा सके।
क्या है होता है डीए
आपको बता दें कि महंगाई भत्ता कर्मचारियों के वेतन का वह हिस्सा है जो बढ़ती कीमतों से बचाने के लिए दिया जाता है। यह हर छह महीने में जनवरी और जुलाई में संशोधित होता है। उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी का मूल वेतन 40,000 रुपये है, तो महज 3 प्रतिशत डीए बढ़ने से उसके वेतन में 1,200 रुपये का इजाफा हो जाता है। मध्य प्रदेश सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों परिवारों की आर्थिक सेहत में सीधा सुधार होगा।
3% डीए बढ़ोतरी का वेतन पर क्या होगा असर?
अगर किसी कर्मचारी का मूल वेतन 40,000 रुपये है, तो डीए में 3% की वृद्धि होने पर उसे हर महीने अतिरिक्त 1,200 रुपये मिलेंगे। यह गणना केवल वेतन के मूल वेतन घटक पर लागू होती है और इसमें हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) या ट्रैवल अलाउंस (टीए) जैसे अन्य भत्ते शामिल नहीं होते हैं। विभिन्न वेतन स्तरों पर 3% डीए वृद्धि का प्रभाव कुछ इस प्रकार होगा…
18,000 रुपये मूल वेतन पर मासिक वृद्धि 540 रुपये होगी और सैलरी में सालाना इजाफा 6,480 रुपये होगा। जबकि, 25,500 रुपये मूल वेतन पर मासिक वृद्धि 765 रुपये और वार्षिक वृद्धि 9,180 रुपये होगी।
35,400 रुपये मूल वेतन पर मासिक वृद्धि 1,062 रुपये और वार्षिक वृद्धि 12,744 रुपये होगी। अगर कर्मचारी की बेसिक सैलरी 44,900 रुपये है तो महीने के हिसाब से उसकी सैलरी में 1,347 रुपये और सालाना 16,164 रुपये की बढ़ोतरी होगी। 56,100 रुपये मूल वेतन पर मासिक वृद्धि 1,683 रुपये और वार्षिक वृद्धि 20,196 रुपये होगी। अगर बेसिक सैलरी 1,00,000 रुपये है तो 3,000 रुपये महीने यानी साल में 36,000 रुपये बढ़ जाएंगे।