Monday, March 2, 2026
HomeTechnologyअब ईरान पर बरपेगा कहर... अमेरिका-इजरायल के साथ जर्मनी-ब्रिटेन-फ्रांस भी हमले में...

अब ईरान पर बरपेगा कहर… अमेरिका-इजरायल के साथ जर्मनी-ब्रिटेन-फ्रांस भी हमले में होंगे शामिल – France Germany UK able to assault iran

अमेरिका और इजरायल ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत ईरान पर बड़े हमले किए हैं. इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई को मार गिराया गया है. ईरान ने इसका बदला लेने के लिए कई गल्फ देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं. अब स्थिति बहुत गंभीर हो गई है. 

फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन (E3 देश) ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि वे अपने हितों और सहयोगियों की रक्षा के लिए जरूरी डिफेंसिव एक्शन लेंगे. वे ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता को स्रोत से ही नष्ट करने के लिए कदम उठा सकते हैं. 

यह भी पढ़ें: इंडियन हमले के बाद अभी सीमेंट सूखा भी नहीं, कि अफगानियों ने फिर खोद दिया PAK का नूर खान बेस

तीनों देशों के नेता ईरान के हमलों से बहुत नाराज हैं और कह रहे हैं कि ईरान ने बिना वजह क्षेत्र के देशों पर हमला किया है. वे अमेरिका और क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर काम करेंगे. यह बयान 1 मार्च 2026 को जारी हुआ. इससे लगता है कि युद्ध अब और फैल सकता है.

ईरान के जवाबी हमले, गल्फ देशों पर मिसाइल बरसाए

ईरान ने अमेरिका-इजरायल हमलों के जवाब में शनिवार और रविवार को बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए. ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने इसे बड़ा हमला बताया. हमले में रियाद (सऊदी अरब), दुबई, अबू धाबी (UAE), दोहा (कतर), मनामा (बहरीन), जेरूसलम और तेल अवीव में विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं. 

दुबई के पाम आइलैंड्स में होटल के पास आग लग गई. बहरीन में अमेरिकी fifth फ्लीट मुख्यालय को निशाना बनाया गया. कतर के अल उदैद एयर बेस, कुवैत और अन्य जगहों पर भी हमले हुए. इजरायल में Beit Shemesh शहर में एक सिनागॉग पर हमला हुआ जिसमें कम से कम 9 लोग मारे गए और कई घायल हुए. 

तेल अवीव में भी मौतें हुईं. ईरान कहता है कि ये हमले अमेरिकी बेस पर हैं लेकिन कई नागरिक इलाके भी प्रभावित हुए. जॉर्डन और इराक में भी हमले हुए.

यह भी पढ़ें: ईरान को ‘पर्ल हार्बर’ वाला दर्द फील करा रहा अमेरिका, 9 नेवल शिप डुबोए… देखिए सैटेलाइट तस्वीरें

जर्मन कैंप और अर्बिल बेस पर हमला, कोई मौत नहीं

ईरान के हमलों में जॉर्डन के पूर्वी इलाके में जर्मन आर्मी का फील्ड कैंप निशाना बना. जर्मन सेना के प्रवक्ता ने बताया कि यह हमला हुआ लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ. इराक के उत्तरी हिस्से में अर्बिल के पास मल्टीनेशनल मिलिट्री बेस पर भी हमला हुआ जहां अमेरिकी और अन्य बल तैनात हैं. यहां भी कोई मौत नहीं हुई. 

ये हमले ईरान के जवाबी कार्रवाई का हिस्सा थे क्योंकि जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन ने ईरान के हमलों की निंदा की है. E3 देश कहते हैं कि ईरान ने उन देशों पर भी हमला किया जो शुरुआती अमेरिका-इजरायल ऑपरेशन में शामिल नहीं थे. इससे यूरोपीय देशों की सुरक्षा को खतरा हुआ है.

खामेनेई की मौत ‘युद्ध की घोषणा’ 

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने खामेनेई की मौत पर कड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि सुप्रीम लीडर की हत्या दुनिया के सबसे दुष्ट लोगों द्वारा की गई है. यह मुसलमानों, खासकर शिया समुदाय के खिलाफ खुले युद्ध की घोषणा है. ईरान इसे ऐतिहासिक अपराध मानता है. अपराधियों से बदला लेना अपना वैध अधिकार और कर्तव्य बताता है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि वे अपने लोगों की रक्षा के लिए कोई भी कदम उठाएंगे.  

यह भी पढ़ें: US-Israel Attacks Iran LIVE: कुवैत में ईरान ने अमेरिकी दुतावास पर किया हमला, बहरीन में Centcom मुख्यालय को भी बनाया निशाना

क्यों बढ़ रहा है तनाव और आगे क्या हो सकता है?

यह सब 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए अमेरिका-इजरायल हमलों से हुआ. इन हमलों में ईरान के न्यूक्लियर साइट्स, मिसाइल प्रोडक्शन और सीनियर लीडर्स को निशाना बनाया गया. खामेनेई की मौत से ईरान में गुस्सा बहुत बढ़ गया है. ईरान अब क्षेत्रीय सहयोगियों को निशाना बना रहा है. 

फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन का बयान दिखाता है कि यूरोप अब सिर्फ निंदा नहीं कर रहा बल्कि डिफेंसिव एक्शन की तैयारी में है. वे ईरान की मिसाइल क्षमता को खत्म करने की बात कर रहे हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानियों से सरकार के खिलाफ विद्रोह करने को कहा है. 

—- समाप्त —-

Suhas
Suhashttps://onlinemaharashtra.com/
Suhas Bhokare is a journalist covering News for https://onlinemaharashtra.com/
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments