डिजिटल डेस्क, पटना। Holi Travel Bihar: होली से पहले बिहार लौटने वालों की भीड़ ने रेलवे सिस्टम की परीक्षा ले ली है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु से पटना आने वाली लगभग सभी ट्रेनें फुल हैं। रेलवे ने 50 से ज्यादा होली स्पेशल ट्रेनें चलाईं, जो 259 फेरे लगाएगी, लेकिन इनमें भी वेटिंग लंबी है। दुरंतो और राजधानी जैसी ट्रेनों में फ्लेक्सी फेयर के कारण किराया डेढ़ गुना तक बढ़ गया। इसके बावजूद एक भी कंफर्म सीट उपलब्ध नहीं है। अब यात्रियों की उम्मीद सिर्फ तत्काल टिकट पर टिकी है।
जनरल बोगी बनी ‘मानव सागर’
कंफर्म टिकट न मिलने पर लोग जनरल कोच में सवार हो रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि पैर रखने तक की जगह नहीं बची है। पटना जंक्शन पर यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों से 30% ज्यादा हो गई है।
प्लेटफॉर्म से ट्रैक पर उतरकर ट्रेन पकड़ने की कोशिशें भी देखी गईं। भीड़ नियंत्रण के लिए सुरक्षा बलों की सक्रियता कम नजर आई। रेलवे ने हालात संभालने के लिए चार और स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है।
फ्लाइट किराया: देश से सस्ता विदेश!
1 मार्च को मुंबई-पटना सीधी फ्लाइट का किराया 23,453 रुपए पहुंच गया। तुलना करें तो दिल्ली से बैंकॉक का किराया 9,483 रुपए है। यानि मुंबई से पटना आना विदेश जाने से भी महंगा पड़ रहा है।
आमतौर पर यह किराया 7-8 हजार रुपए के आसपास रहता है। होली के चलते किराए में लगभग तीन गुना तक उछाल आया है। यात्रियों की जेब पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
प्रमुख शहरों से पटना फ्लाइट की स्थिति
दिल्ली – पटना
दिल्ली से पटना का किराया 13 हजार रुपए तक पहुंच गया है। सामान्य दिनों में यही टिकट 4-5 हजार रुपए में मिल जाता है। होली के कारण मांग बढ़ी और किराया दोगुना से ज्यादा हुआ।
फिर भी सभी फ्लाइट्स लगभग फुल चल रही हैं। यात्रियों के पास विकल्प सीमित हैं। अचानक यात्रा की योजना बनाना मुश्किल हो गया है।
मुंबई – पटना
मुंबई से पटना की फ्लाइट सबसे महंगी साबित हो रही है। 23 हजार से अधिक का किराया यात्रियों को चौंका रहा है। यह आम दिनों से करीब तीन गुना ज्यादा है।
सीधी फ्लाइट की मांग सबसे अधिक है। अंतिम समय में टिकट मिलना लगभग असंभव है। लोग कनेक्टिंग फ्लाइट विकल्प भी देख रहे हैं।
कोलकाता – पटना
कोलकाता से पटना का किराया अपेक्षाकृत कम बढ़ा है। 1 मार्च को यह करीब 4 हजार रुपए रहा। सामान्य दिनों में यह 3 हजार के आसपास रहता है।
यह रूट यात्रियों के लिए राहत भरा साबित हो रहा है। फिर भी सीटों की उपलब्धता सीमित है। अंतिम समय में किराया बढ़ सकता है।
बेंगलुरु – पटना
बेंगलुरु से पटना का किराया 20 हजार रुपए तक पहुंच गया है। आमतौर पर यह 6-7 हजार रुपए होता है। दक्षिण भारत से लौटने वालों के लिए यात्रा महंगी हो गई है।
संगमित्रा एक्सप्रेस में वेटिंग 160 से पार है। फ्लाइट और ट्रेन दोनों विकल्प दबाव में हैं। छात्र और कामकाजी लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
बसें बनीं उम्मीद की आखिरी किरण
बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) ने 200 बसें चलाई हैं। 23 फरवरी से दिल्ली, हरियाणा, झारखंड और यूपी रूट पर संचालन जारी है।
इनमें 50 एसी बसें भी शामिल हैं। दिल्ली रूट पर सबसे अधिक 67 बसें चलाई जा रही हैं। हरियाणा के लिए 51 बसें संचालित हो रही हैं। सेवा 23 मार्च तक जारी रहेगी।
सब्सिडी से राहत, फिर भी सीट फुल
पटना से दिल्ली एसी सीटर बस का किराया 1254 रुपए है। सरकार प्रति टिकट 619 रुपए की सब्सिडी दे रही है। एसी स्लीपर का किराया 1893 रुपए तय है।
इस पर 919 रुपए प्रति टिकट सब्सिडी मिल रही है। पटना से बाहर जाने वाली बसों में 60-70% सीटें भरी हैं। दूसरे राज्यों से पटना लौटने वाली बसें 100% फुल चल रही हैं।
डिजिटल युग में भी यात्रा चुनौती
ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद टिकट मिलना मुश्किल है। वेबसाइट और ऐप पर लगातार चेकिंग के बाद भी निराशा हाथ लग रही है। त्योहार के समय डिमांड और सप्लाई का असंतुलन साफ दिख रहा है।