ABP नेटवर्क आइडियाज ऑफ इंडिया समिट 2026 में, ‘द नेचुरल: स्पार्कल एंड स्पॉन्टेनिटी’ थीम के तहत एक इंस्पायरिंग और सोचने पर मजबूर करने वाली बातचीत हुई. इस चर्चा में स्टार पावर और समझ दोनों एड करते हुए, सान्या मल्होत्रा ने अपने नज़रिए शेयर किए, जिससे सेशन और भी दिलचस्प और यादगार बन गया. उन्होंने अपनी दिल्ली से मुंबई तक की जर्नी को शानदार बताया.
हर तरह के रोल करना चाहती हैं सान्या
सान्या ने बताया कि वे हर तरह के रोल करना चाहती हैं. उन्होंने कहा कि वे अपने कैरेक्टर्स के साथ एक्सपेरिमेंट्स करना चाहती हैं. सान्या ने कहा कि उन्हें लगता है कि अगर वे कंफर्ट में फंस जाएंगी तो ग्रोथ नहीं कर पाएंगी. उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा कि कोई उन्हें टाइपकास्ट कर सकता है. सान्या ने कहा कि करियर ग्रोथ के लिए रिस्क और चैलेंज लेने चाहिए.
‘दंगल ने मुझे खुद को साबित करने में मदद की’
सान्या ने अपनी पहली फिल्म को एक मील का पत्थर बताया, जिससे उन्हें दुनिया को अपना टैलेंट दिखाने का मौका मिला. उन्होंने कहा, “दंगल एक ऐसी फिल्म थी जिसने मुझे एक एक्टर के तौर पर खुद को साबित करने में मदद की. यह एक ओवरऑल परफॉर्मेंस थी, और मुझे लगा कि स्क्रीन पर हर पल मायने रखता है.” युवा एक्टर ने इस बात पर ज़ोर दिया कि दर्शक उनके किरदार से बहुत करीब से जुड़े, जिससे उनकी परफॉर्मेंस और भी मीनिंगफिल बन गई. दर्शकों के साथ उनका जो जुड़ाव महसूस हुआ, उसने ऐसे रोल चुनने के उनके कमिटमेंट को और पक्का किया जो असर छोड़ते हैं.
डेब्यू ने खोले बॉलीवुड के दरवाजे
अपने सफर के बारे में बताते हुए, सान्या ने बताया कि कैसे उनके डेब्यू ने बॉलीवुड में उनके लिए दरवाज़े खोले. उन्होंने कहा, “मुझे ज़्यादातर मौके इसलिए मिले क्योंकि मेरा डेब्यू दंगल था. इसने आगे आने वाली हर चीज़ की नींव रखीय” उनके शब्द एक मज़बूत डेब्यू के महत्व को दिखाते हैं और बताते हैं कि कैसे एक परफॉर्मेंस भारतीय सिनेमा की कॉम्पिटिटिव दुनिया में एक एक्टर के करियर की दिशा तय कर सकती है.
सान्या के करियर को कौन सी फिल्में डिफाइन करती हैं?
सान्या ने इस दौरान बताया कि उनके करियर को उनकी कौन सी फिल्में डिफाइन करती हैं. उन्होंने कहा कटहल, पगलैट और मिसेज उनके दिल के करीब हैं. पगलैट मेरे लिए एक एक्टर के तौर पर काफी रिस्की चॉइस थी. उन्होंने कहा कि बहुत से लोगों ने उन्हें पगलैट करने के लिए मना किया था लेकिन इस फिल्म ने उन्हें काफी कॉन्फिडेंस दिया. सान्या ने कहा कि अगर फिल्म अच्छी है तो वे उस फिल्म को जरूरत करती हैं. सान्या ने कहा कि जब वे काम कर रही होती हैं तो वे वैलिडेशन के बारे में नहीं सोचती हैं. मेरा मकसद सिर्फ दर्शकों को एंटरटेन करना रहता है.
फिल्में चुनते वक्त क्या ध्यान में रखती हैं सान्या
सान्या ने ये भी बताया कि वे फिल्म चुनते वक्त उसकी स्क्रिप्ट को ज्यादा ध्यान में रखती हैं कि वो मिनिंगफुल हो और एंटरटेन कर सके.