‘मुझे गोली मारने की साजिश…’, देर रात को पटना पुलिस ने किया गिरफ्तार, 31 साल पुराने मामले में एक्शन

बिहार की सांख्यिकी में शुक्रवार रात को जबरदस्त ड्रामा देखने को मिला। पूर्णिया से नॉमिनल नामांकित यादव को गिरफ्तार करने के लिए पटना पुलिस ने उनके आवास पर भारी लाव-लश्कर के साथ रूम दी। इस दौरान अनमोल यादव के साथ पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई.

मोमिन का कहना है कि बिहार की सरकार और गृह मंत्री सम्राट चौधरी धमाका कर रहे हैं। सिद्धार्थ यादव ने कहा कि मैं नशे के लिए तैयार हूं, लेकिन झकझोरने वाला नहीं हूं।

‘आजतक’ से बातचीत में सिद्धार्थ यादव ने कहा कि डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी उनकी हत्या करना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सादी मजबूत पुलिस वाले आए और सीधे धमाका करने लगे। अनैतिक यादव ने कहा कि हमें लगा कोई मुझे मारने आया है। उन्होंने कहा कि जॉन चार बजे समाप्त हो गए और उनके बाद कोर्ट के आदेश के सम्मान में हम सीधे पटना आ गए।

मामले पर सफाई देते हुए मंत्रीमंडल यादव ने कहा कि 35 साल पुराने मामले में बेल टूट गई थी, कोर्ट में कहा गया था तो हम पटना चले गए। उन्होंने कहा कि सिविल ड्राइवरों में पुलिस वाले आए और हमें लगा कि गोली चलाएगी। मिस्टीरियस यादव ने कहा कि मरना पसंद करेंगे, लेकिन सच के रास्ते से थोड़ा भी नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी पर अपराधी नहीं पकड़े जा रहे हैं और सम्राट यादव को मरवाने की साजिश रच रहे हैं।

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31 साल पुराना है मामला

पटना में करीब 31 साल पुराने विवाद पर कोर्ट ने बड़ी कार्रवाई की है. मामले की निशानदेहीबाग थाना (एफआईआर संख्या 552/1995) से मंदिर है, जिसमें अंकित विनोद बिहारी लाल ने आरोप लगाया था कि उनके मकान को किराए पर लेकर लालची यादव ने कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया था, जबकि यह बात किराए के घर में छुपी हुई थी। इसी मामले में निजीकरण यादव के खिलाफ वारंट जारी हुआ है और पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए याचिका दायर कर रही है।

मामले में लगातार गैर-हाजिरी के कारण अदालत ने पहले गिरजाघर जारी किए। उसके बाद इश्तेहार चस्पा पर रिकॉर्ड के रिकॉर्ड का आदेश दिया गया। लेकिन कोर्ट में पेशी न होने पर अब कोर्ट ने पेंडेंट वैलार्ड यादव सहित अन्य याचिकाकर्ताओं की संपत्ति कुर्क करने का अंतिम आदेश जारी कर दिया है। यह एक्शन 1995 से मामले में एक अहम कानूनी मनी जा रही है।

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