21 दिन में सोना 11% और चांदी 20% गिरी, जिन्होंने खरीद लिया वे क्या करें? जिन्हें खरीदना है वे कब खरीदें? जानें पूरी डिटेल – gold silver value drop amid iran israel us conflict why costs are falling

21 दिन में सोना 11% और चांदी 20% गिरी, जिन्होंने खरीद लिया वे क्या करें? जिन्हें खरीदना है वे कब खरीदें? जानें पूरी डिटेल – gold silver value drop amid iran israel us conflict why costs are falling

Gold Silver Price: ईरान युद्ध के कारण सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई है। ऐसे में जिन निवेशकों ने सस्ता सोना और चांदी खरीदे थे, वे अब इनमें तेजी का इंतजार कर रहे हैं।

Gold Silver Price Iran War
ईरान युद्ध में सोना चांदी धड़ाम।
ईरान पर इजरायल और अमेरिकी हमले को आज 22वां दिन है। 28 फरवरी से शुरू हुआ यह हमला दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला चुका है। इसमें सोना-चांदी भी नहीं बचे हैं। अमूमन माना जाता है कि जब वैश्विक तनाव पैदा होता है तो सोना और चांदी की कीमत बढ़ती है। ऐसा इसलिए क्योंकि लोग सुरक्षित निवेश की ओर भागते हैं। लेकिन ईरान युद्ध में ऐसा बिल्कुल दिखाई नहीं दे रहा।

सोना चांदी की कीमत बढ़ने की जगह लगातार कम हो रही है। ऐसे में वे लोग ज्यादा परेशान दिखाई दे रहे हैं जिन्होंने 2-3 महीने पहले दोनों धातुओं की बढ़ती कीमत के कारण इसे खरीद लिया था। तब के मुकाबले अब कीमत बहुत गिर गई है। ऐसे में वे इंतजार कर रहे हैं कि इनकी कीमत कब बढ़ेगी। वहीं सोना-चांदी सस्ता होने पर काफी लोगों ने इन धातुओं को तब ही खरीद लिया था। अब वे भी इंतजार कर रहे हैं कि इनकी कीमत कब बढ़ेगी।

सोने में कितनी आई गिरावट?

सोने में कितनी आई गिरावट?

पिछले साल से लेकर इस साल जनवरी के लगभग आखिरी तक सोना बहुत तेजी से भागा था। पिछले साल इसमें करीब 70 फीसदी की तेजी आई थी। 29 जनवरी 2026 को एमसीएक्स पर यह प्रति 10 ग्राम करीब 1.92 लाख रुपये पर पहुंच गया था। उसके बाद चार दिनों इसमें इतना बड़ा झटका लगा कि इसकी कीमत गिरकर करीब 1.39 लाख रुपये पर आ गई। अब ईरान युद्ध के बाद इसमें फिर से गिरावट आ रही है। 27 फरवरी को सोना 1,62,104 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। कल यानी शुक्रवार को अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 129 रुपये की गिरावट के साथ 1,44,825 रुपये पर बंद हुआ। ऐसे में इसमें इन 21 दिनों में करीब 11% की गिरावट आई है।

चांदी को लगा कितना झटका?

चांदी को लगा कितना झटका?

ईरान युद्ध की मार से चांदी भी नहीं बच पाई है। इसमें भी पिछले साल रेकॉर्ड तेजी आई थी। एक साल में इसने करीब 160 फीसदी रिटर्न दिया था। 29 जनवरी 2026 को यह एमसीएक्स पर अपने ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई थी। उस समय चांदी की कीमत प्रति किलो 2.30 लाख से ज्यादा थी। उसके बाद चार दिनों में यह भी धड़ाम होकर 2.30 लाख से नीचे आ गई थी। अब ईरान युद्ध में भी इसकी कीमत गिर रही है। 27 फरवरी को चांदी की कीमत प्रति किलोग्राम 2,82,644 रुपये थी। कल यानी शुक्रवार को मई डिलीवरी वाली चांदी 3990 रुपये गिरकर 2,27,470 रुपये पर बंद हुई। ऐसे में इसमें इन 21 दिनों में करीब 20% की गिरावट आई है।

सोने-चांदी में क्यों आई गिरावट?

सोने-चांदी में क्यों आई गिरावट?
  • फरवरी के अंत से जब तनाव बढ़ा तो कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड 40% से ज्यादा बढ़कर 100 डॉलर के पार चला गया। इस वजह से निवेशकों का ध्यान सोना-चांदी से हटकर एनर्जी मार्केट की ओर चला गया है।
  • सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट का सबसे बड़ा कारण महंगाई और उस पर केंद्रीय बैंकों की प्रतिक्रिया है।
  • ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी से वैश्विक महंगाई बढ़ रही है। जब महंगाई बढ़ती है तो बाजार मान लेता है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती नहीं करेगा।
  • सोना-चांदी की कीमतें आमतौर पर तब बढ़ती हैं जब ब्याज दरें घटती हैं। लेकिन जब दरें ऊंची बनी रहती हैं, तो निवेशक ब्याज देने वाली संपत्तियों की ओर आकर्षित होते हैं।
  • यही अभी हो रहा है। साल की शुरुआत में सोना-चांदी के दाम बढ़ गए थे, क्योंकि ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद थी। लेकिन जैसे ही यह उम्मीद खत्म हुई, कीमतों में गिरावट शुरू हो गई।
  • सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट का एक और बड़ा कारण अमेरिकी डॉलर की मजबूती है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो वैश्विक निवेशकों के लिए सोना-चांदी महंगे हो जाते हैं, जिससे मांग घटती है।

अब लोग क्या करें?

अब लोग क्या करें?

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के कमोडिटीज एनालिस्ट मानव मोदी ने बताया कि सोने और चांदी में इस समय सावधानी और अनुशासन के साथ ट्रेडिंग करना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर आप सोना-चांदी खरीदना चाहते हैं तो सोने में ज्यादा निवेश करें। अपने पोर्टफोलियो में सोने की हिस्सेदारी 70-75% और चांदी की 30-35% रखना बेहतर रहेगा।

पृथ्वी फिनमार्ट के मनोज कुमार जैन ने निवेशकों को फिलहाल इन धातुओं से दूर रहने की सलाह दी है, क्योंकि दोनों मेटल्स अपने शॉर्ट-टर्म सपोर्ट लेवल तोड़ चुके हैं। नई खरीदारी से पहले बाजार में स्थिरता का इंतजार करना चाहिए। वहीं अन्य एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर कम कीमत पर सोना-चांदी खरीदा है तो मुनाफा कमा सकते हैं। वहीं अगर वैल्यू कम हुई है तो कुछ समय इंतजार करें। जैसे ही कीमत बढ़े मुनाफावसूली करके निकल जाएं। अगर लंबे समय तक निवेश को बनाए रखना चाहते हैं तो बेहतर होगा।

कीमत आगे बढ़ेगी या और गिरेगी?

कीमत आगे बढ़ेगी या और गिरेगी?

सोना-चांदी की कीमतों का आगे का रुख पूरी तरह आर्थिक संकेतों पर निर्भर करेगा, सिर्फ युद्ध पर नहीं। अगर महंगाई ऊंची बनी रहती है और तेल की कीमतें बढ़ती रहती हैं, तो सोना-चांदी पर दबाव बना रह सकता है। बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। वहीं अगर फेड रिजर्व फिर से ब्याज दरों में कटौती के संकेत देता है या डॉलर कमजोर होता है, तो कीमतों में तेजी आ सकती है।

राजेश भारती

लेखक के बारे मेंराजेश भारतीराजेश भारती, नवभारत टाइम्स डिजिटल में असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर है। वे पिछले 16 वर्षों से बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर मार्केट, क्रिप्टोकरेंसी, गैजेट्स, हेल्थ आदि से जुड़े मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजेश भारती पिछले 1 साल वर्षों से एनबीटी डिजिटल के साथ जुड़े हैं। वह नवभारत टाइम्स न्यूजपेपर में भी 5 साल से ज्यादा काम कर चुके हैं। उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है। राजेश भारती ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है।… और पढ़ें