हर महीने ₹3 लाख की कमाई, ₹2 लाख से ज्यादा तो खर्च कर देती है यह डेटा इंजीनियर – bengaluru data engineer explains how she earn rs 3 lakh and spends 2 lakh every month

युवा प्रोफेशनल नए तरीके से सोचते हैं। बेंगलुरु की इस डेटा इंजीनियर को ही देखिए, तो वह महीने में तीन लाख रुपये कमाती हैं। इसमें से दो लाख रुपये से कुछ ज्यादा खर्च करती हैं। यह वीडियो दिखाता है कि कैसे एक युवा प्रोफेशनल अपनी कमाई और खर्चों को लेकर इतनी पारदर्शी हो सकती है।

हर महीने ₹3 लाख की कमाई, ₹2 लाख से ज्यादा तो खर्च कर देती है यह डेटा इंजीनियर – bengaluru data engineer explains how she earn rs 3 lakh and spends 2 lakh every month
नई दिल्ली: आप जैसे ही खूब कमाने लगते हैं, आपका खर्चा भी खूब बढ़ जाता है। अब बेंगलुरु की इस डेटा इंजीनियर को देख लीजिए। इन्होंने अपने इंस्टाग्राम वीडियो में अपनी मासिक सैलरी और खर्चों का खुलासा किया है। @thinking.mori नाम की इस इंजीनियर ने बताया कि वह हर महीने 3 लाख रुपये कमाती हैं। इसमें से 2 लाख रुपये से थोड़ा ज़्यादा वह किराया, बिजली-पानी और निवेश जैसी चीज़ों पर खर्च करती हैं।

यह है खर्चों का पूरा हिसाब-किताब

इस इंजीनियर ने वीडियो में अपने खर्चों को बहुत साफ-साफ बताया है। उन्होंने बताया है कि उनका हर महीने का मकान किराया20,000 रुपये प्रति माह है। इस किराए में बिजली, पानी और वाई-फाई का बिल भी शामिल है। इसके अलावा वह अपनी घरेलू सहायिका को 5,000 रुपये अलग से देती हैं। इसलिए उनके बेसिक खर्चे ₹25,000 में ही पूरे हो जाते हैं।

ईएमआई चुकाने में बड़ी रकम

उनके खर्चों का एक बड़ा हिस्सा उस अपार्टमेंट की EMIपर जाता है जो उन्होंने अपने माता-पिता के लिए खरीदा है। महिला ने बताया कि वह हर महीने 30,000 रुपये EMI के तौर पर भरती हैं। उन्होंने समझाया, “मैं जानती हूं कि मकान एक देनदारी है, लेकिन कुछ चीज़ें भावनाओं से जुड़ी होती हैं और मैं यह अपने माता-पिता के लिए करना चाहती थी क्योंकि उन्होंने मेरे लिए बहुत कुछ किया है।”

अन्य खर्चे क्या

बेंगलुरु की यह डेटा इंजीनियर बताती हैं कि वह किराने के सामान पर हर महीने करीब 8,000 रुपये खर्च करती हैं। इसके अलावा बाहर खाने पर करीब 2,000 रुपये खर्च होता है। इन खर्चो के अलावा खुद की देखभाल, स्किनकेयर, तोहफे, विटामिन, बॉडीकेयर आदि पर उनका लगभग 5,000 रुपये हर महीने का खर्च होता है। आखिर में, उनके सब्सक्रिप्शन की बात करें तो वह जिम की मेंबरशिप और पर्सनल ट्रेनर के लिए 12,000 रुपये देती हैं। साथ ही नेटफ्लिक्स तथा एप्पल टीवी के लिए भी करीब 300 रुपये चुकाती हैं।

निवेश भी होता है

यह डेटा इंजीनियर अपनी 3 लाख रुपये की सैलरी में से कितना निवेश करती हैं, इस पर भी उन्होंने बात की है। उनके निवेश काफी सीधे-सादे हैं। वह हर महीने SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) में 1 लाख रुपये डालती हैं। उन्होंने बताया, “मेरे पास पहले से ही 6 महीने का इमरजेंसी फंड है, इसलिए मैं इस समय उसमें कोई पैसा नहीं डाल रही हूं। तो, मेरे निवेश में फिलहाल सिर्फ SIP और कुछ सोना शामिल है जब वह अच्छा लग रहा हो।” कुल मिलाकर, वह हर महीने लगभग ₹2,12,000 खर्च करती हैं।

यात्रा पर भी करती हैं खर्च

उन्होंने जो 2.12 लाख रुपये का लेखा-जोखा दिया है, उसमें यात्रा पर होने वाला खर्च शामिल नहीं है। बेंगलुरु की इस महिला ने बताया कि उन्होंने 2025 में यात्रा पर 7 लाख रुपये खर्च किए थे। उनका कहना है “कुछ एक बार के खर्चे भी होते हैं जैसे नया फोन खरीदना या किसी शादी में जाना। ओह हां, मुझे अपनी शादी के लिए भी पैसे बचाने हैं, तो उसके लिए भी एक फंड बनाना होगा।”

शिशिर चौरसिया

लेखक के बारे मेंशिशिर चौरसियाशिशिर कुमार चौरसिया, नवभारत टाइम्स डिजिटल में बिजनेस एडिटर हैं। वह 26 से भी ज्यादा वर्षों से रेलवे, रोड, एविएशन के साथ-साथ फाइनेंस मिनिस्ट्री समेत अन्य मिनिस्ट्री की आर्थिक गतिविधियों को कवर कर रहे हैं। शिशिर पिछले 5 वर्षों से NBT (Digital) के साथ काम कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर ग्रुप के पिंक पेपर बिजनेस भास्कर, न्यूज एजेंसी यूनीवार्ता, राजस्थान पत्रिका और दिव्य हिमाचल जैसे अखबारों में काम किया है। उन्होंने रेलवे, राजमार्ग, शिपिंग की कई राज्यों की परियोजनाओं की ग्राउंड रिपोर्टिंग की है। उन्होंने रेलवे और टैक्शेसन पर कई विशेष सीरीज़ को चलाने में भी अपनी विशेषज्ञता दिखाई है। इस समय भी वह ‘धन की बात’ नाम से एक साप्ताहिक वीडियो इंटरव्यू कर रहे हैं जो आम आदमी के पर्सनल फाइनेंस और टैक्शेसन पर केंद्रित होता है। उन्होंने भागलपुर विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में एम.ए (Gold Medalist), IIMC (New Delhi Campus) से पत्रकारित में पीजी डिप्लोमा और गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से जनसंचार में एम.ए. की उपाधि हासिल की है।और पढ़ें