Sunday, March 22, 2026
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‘हम चमड़ा उतारना भी जानते हैं और उसका जूता बनाना भी’, करणी सेना के विरोध के बीच बाराबंकी में गरजे चंद्रशेखर – Chandrashekhar azad ravan Roars in Barabanki Amidst Karni Sena Protests bhim military lcam

Uttar Pradesh News: करणी सेना के विरोध के बीच नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ‘रावण’ ने रविवार को बाराबंकी के बडेल मैदान में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया. डॉ. भीमराव अंबेडकर और मान्यवर कांशीराम के मिशन को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इस रैली में हजारों की भीड़ जुटी. इस दौरान उन्होंने मंच से तीखे बयान दिए. 

इसी दौरान सुरक्षा घेरा तोड़कर अमित नामक एक संदिग्ध व्यक्ति कमर में पिस्टल खोंसे हुए मंच की ओर बढ़ने लगा. तैनात सुरक्षाकर्मियों और कार्यकर्ताओं ने शक होने पर उसे दबोच लिया. संदिग्ध ने खुद को पुलिस लाइन का सिपाही बताया, लेकिन पहचान पत्र न दिखा पाने के कारण उसे बाहर कर दिया गया.

‘हम चमड़ा उतारना भी जानते हैं’

गौरतलब है कि करणी सेना ने आजाद समाज पार्टी के मुखिया और सांसद चंद्रशेखर आजाद को बाराबंकी की जमीन पर पैर नहीं रखने देने की धमकी दी थी. जिस पर चंद्रशेखर ने पलटवार करते हुए कहा कि हम ऐसी धमकियों ने नहीं डरते हैं. हम चमड़ा उतारना भी जानते हैं और उसका जूता बनाना भी जानते हैं. 

चंद्रशेखर ने आगे कहा- हम संघर्ष करने वाले लोग हैं, हम धमकियों से नहीं डरते. मैं तो संवैधानिक व्यक्ति हूं लेकिन, हम चमड़ा उतारना भी जानते है और उसका जूता बनाना भी और समय आने पर उसे सिर पर पटककर मारना भी जानते हैं. हालांकि, हम बड़े सज्जन लोग हैं. संविधान को मानने वाले लोग हैं, डरते किसी से नहीं .

मंच तक पहुंचा ‘हथियारबंद’ संदिग्ध

बाराबंकी में चंद्रशेखर आजाद की सुरक्षा को लेकर पहले से ही संशय था, क्योंकि करणी सेना ने उन्हें धमकी दी थी. रैली के दौरान एक सादे कपड़ों में युवक संदिग्ध परिस्थितियों में मंच की तरफ जाने लगा. जब पुलिस और कार्यकर्ताओं ने उसे रोककर तलाशी ली, तो उसकी कमर में पिस्टल बरामद हुई. इस घटना से मैदान में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. हालांकि, समय रहते उसे पकड़ लिया गया, जिससे कोई अप्रिय घटना नहीं घटी.

खुद को बताया सिपाही, पर नहीं मिला आईडी

पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम अमित बताया और दावा किया कि वह पुलिस लाइन में तैनात सिपाही है और उसकी ड्यूटी यहीं लगी है. हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यह उठा कि अगर वह ड्यूटी पर था, तो वर्दी के बजाय सादे कपड़ों में क्यों था? जब उससे पहचान पत्र मांगा गया, तो वह कोई भी आईडी कार्ड नहीं दिखा सका. पुलिस ने फिलहाल उसे कार्यक्रम स्थल से बाहर कर दिया है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है.

2027 के लिए फूंका चुनावी बिगुल

सुरक्षा में हुई इस बड़ी चूक के बीच चंद्रशेखर आजाद ने मंच से विरोधियों को जमकर ललकारा. उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया. चंद्रशेखर ने बाराबंकी की सदर सीट पर अपनी दावेदारी ठोकते हुए कहा कि नगीना की तर्ज पर अब पूरे उत्तर प्रदेश में इतिहास दोहराया जाएगा. उन्होंने कहा कि भाईचारे के दम पर ही सत्ता परिवर्तन संभव है और अब आजाद समाज पार्टी पूरी मजबूती से मैदान में है.

विपक्षी दलों पर तीखा हमला

चंद्रशेखर ने सपा और भाजपा दोनों पर तंज कसते हुए कहा कि महापुरुष किसी एक दल के नहीं होते. उन्होंने सवाल उठाया कि 2006 से 2026 तक इन पार्टियों को कांशीराम साहब की याद क्यों नहीं आई? उन्होंने दावा किया कि आज अन्य दलों में कांशीराम को अपना बताने की जो होड़ लगी है, वह केवल उनकी पार्टी के बढ़ते प्रभाव का नतीजा है. इस दौरान उन्होंने अयातुल्ला खामेनेई का उदाहरण देते हुए कहा कि वे जुल्म के आगे झुकने वाले नहीं हैं.

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Suhas
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Suhas Bhokare is a journalist covering News for https://onlinemaharashtra.com/
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