युद्ध के बीच भारत में फिर लगेगा लॉकडाउन? ‘कोरोना की तरह तैयारी’…पीएम के बयान को यूं समझें – lockdown in india 2026 what preparedness throughout oil fuel disaster like corona challenges amid us iran battle pm modi

युद्ध के बीच भारत में फिर लगेगा लॉकडाउन? ‘कोरोना की तरह तैयारी’…पीएम के बयान को यूं समझें – lockdown in india 2026 what preparedness throughout oil fuel disaster like corona challenges amid us iran battle pm modi

Lockdown In India: हाल ही में लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट को गंभीर बताते हुए कोरोना जैसी चुनौतियों के लिए तैयार रहने की अपील की थी। ऐसे में सोशल मीडिया पर लोग ये सवाल पूछ रहे हैं कि क्या भारत में फिर से लॉकडाउन लगेगा? जानते हैं पीएम मोदी के बयान के मायने और भारत की तैयारी को समझते हैं।

LOCKDOWN IN INDIA!
भारत में लॉकडाउन?
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में लोकसभा में पश्चिम एशिया युद्ध को बड़ी चुनौती बताते हुए देशवासियों से अपील की है कि हमें कोरोना जैसी चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा। पीएम मोदी के इस बयान के बाद ज्यादातर लोग गूगल पर ‘लॉकडाउन इन इंडिया’ सर्च कर रहे हैं। क्या वाकई में देश में कोरोना जैसे हालात हो गए हैं? पीएम मोदी के इस बयान के मायने समझते हैं। यह भी समझते हैं कि भारत की तेल और गैस को लेकर क्या तैयारी है? जो भी हो पीएम मोदी ने एक बात का भरोसा जरूर दिलाया है कि देश में पैनिक हालात नहीं होने पाएंगे।

पूरी दुनिया में हर दिन 1.1 करोड़ बैरल का नुकसान

  • फर्स्ट पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने मौजूदा हालात को ‘दशकों में सबसे ज्यादा गंभीर एनर्जी संकट’ करार दिया है।
  • रिपोर्टों के अनुसार, पूरी दुनिया में 1.1 करोड़ बैरल प्रति दिन तेल का नुकसान हो रहा है। 1970 के दशक के बाद से इस तरह का यह बड़ा नुकसान है। उस दौरान संकट के समय पूरी दुनिया को 50 लाख बैरल हर दिन का नुकसान हो रहा था।
  • लोकसभा में पीएम नरेंद्र मोदी ने ऐसे ही संकट की ओर इशारा किया था।

फिलीपींस में नेशनल एनर्जी इमरजेंसी का ऐलान

आईईए की चेतावनी के बाद से कई देशों ने अलग-अलग तरीके के कदम उठाए हैं। फिलीपींस ने तो नेशनल एनर्जी इमरजेंसी का ऐलान कर दिया हैं। राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने देश की ईंधन आपूर्ति के लिए ‘आसन्न खतरे’ की चेतावनी दी है।

भारत के सुदूर पड़ोसी ने ये उठाए गए हैं इमरजेंसी उपाय

  • फिलीपींस में सरकारी दफ्तरों में हफ्ते में चार दिन काम का इमरजेंसी उपाय अपनाया गया है। गैर जरूरी ट्रैवल पर पाबंदी लगाई गई है। एनर्जी सेविंग प्रोटोकॉल्स अपनाने की सलाह दी गई है।
  • इसके अलावा, तेल आपूर्ति करने वाले देशों का विकल्प पर भी काम कर रही है और रिजर्व बढ़ाने पर काम हो रहा है। देश में अभी 45 दिन का ईंधन रिजर्व स्टॉक है।

पाकिस्तान-श्रीलंका में इमरजेंसी जैसे हालात

श्रीलंका में कुछ सेक्टरों में सार्वजनिक छुट्टियों को अनिवार्य कर दिया गया है। बांग्लादेश ने ऑनलाइन एजुकेशन को बढ़ा दिया है। निश्चित समय के लिए बिजली कटौती की जा रही है। पाकिस्तान ने भी हफ्ते में काम कम करने के समय में कटौती की है। वियतनाम में कारोबार को घर बैठे करने की सलाह दी गई है।

भारत की क्या है तैयारी, अपनाए ये उपाय

  • भारत भी खाड़ी से खासतौर पर होर्मुज के रास्ते से करीब 50 फीसदी तेल और गैस की आवाजाही होती थी। मगर, अब यह सप्लाई बाधित हुई है। इसका असर भारत में भी देखने को मिल रहा है। एलपीजी गैस सिलेंडर के लिए लंबी-लंबी लाइनें देखने को मिल रही हैं।
  • भारत ने इंडस्ट्रियल गैस सप्लाई में कटौती कर दी है और एलपीजी प्रोडॅक्शन को बढ़ा दिया है। भारत ने खाड़ी के अलावा, कई और देशों से तेल-गैस मंगाना शुरू कर दिया है। जैसा कि पीएम मोदी ने कहा है कि भारत पहले 27 देशों से तेल-गैस मंगाता था। अब यह बढ़कर 41 देशों तक जा पहुंचा है।
  • पीएम मोदी ने यह भी कहा है कि भारत के पास अभी 53 लाख मीट्रिक टन से अधिक का स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व है और अतिरिक्त 65 लाख मीट्रिक टन के रिजर्व पर काम चल रहा है।
  • भारत ने बीते 11 साल में अपनी रिफाइनिंग क्षमता में भी काफी बढ़ोतरी की है।

तो क्या भारत में लग सकता है लॉकडाउन

  • मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भारत में फिलहाल अभी लॉकडाउन जैसे हालात नहीं हैं। हालांकि, युद्ध के लंबा खिंचने पर हालात गंभीर हो सकते हैं। पीएम मोदी ने इसी चुनौती पर बात करते हुए तैयार रहने को कहा था।
  • अगर, हालात और गंभीर होते हैं तो भी कोरोना जैसा लॉकडाउन नहीं लगने वाला है। क्योंकि वो अलग महामारी थी। भारत कुछ ऐसे उपाय अपना सकता है, जैसे हमारे पड़ोसी देशों ने अपनाए हैं।
  • इन उपायों में वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देना। सड़कों पर पेट्रोल-डीजल के बजाय इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर देना। सोलर एनर्जी और इंडक्शन चूल्हे के इस्तेमाल पर सरकार भी जोर दे रही है।
  • काला बाजारी को रोकना और हालात को पैनिक बनाने वालों पर सख्त कार्रवाई करना।

पीएम ने क्या कहा था, किस तरह से तैयार रहना होगा

  • पीएम मोदी ने सोमवार को लोकसभा में पश्चिम एशिया संकट पर कहा था-पश्चिम एशिया युद्ध के कारण दुनिया में जो कठिन हालात बने हैं, उनका प्रभाव लंबे समय तक बने रहने की आशंका है, इसलिए हमें तैयार रहना होगा, हमें एकजुट रहना होगा।
  • पीएम ने कहा था-हम कोरोना के समय भी एकजुटता से ऐसी चुनौतियों का सामना कर चुके हैं। अब हमें फिर से उसी तरह तैयार रहने की आवश्यकता है। धीरज के साथ, संयम के साथ, शांत मन से हमें हर चुनौती का मुकाबला करना है और यही हमारी पहचान है। यही हमारी ताकत है और हां हमें बहुत सावधान और सतर्क भी रहना है।

काला बाजारी-जमाखोरी की सख्त हो रही निगरानी

पीएम ने सख्त लहजे में कहा-ऐसे समय में काला बाजारी करने वाले, जमाखोरी करने वाले, एक्टिव हो जाते हैं, इसके लिए कड़ी मॉनिटरिंग जरूरी है, जहां से भी ऐसी शिकायतें आती हैं, वहां त्वरित कार्यवाही होनी चाहिए। देश की हर सरकार और देश का हर नागरिक जब मिलकर चलेंगे, तो हम हर चुनौती को चुनौती दे सकते हैं।

दिनेश मिश्र

लेखक के बारे मेंदिनेश मिश्रदिनेश मिश्र, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में असिस्टेंट एडिटर और एक्सप्लेनर एक्सपर्ट हैं। वे अप्रैल-2024 में टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स, डिजिटल विंग से जुड़े। दिनेश मिश्र NBT डिजिटल में एक्सप्लेनर और स्पेशल स्टोरीज की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ये एक्सप्लेनर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय, बिजनेस और एंटरटेनमेंट समेत किसी भी कैटेगरी की खबरों से जुडे होते हैं, जिसमें दिनेश मिश्र रणनीतिक रूप से डीप डाइव, रिसर्च, वैल्यु एड, एक्सपर्ट कमेंट्स जैसी जरूरी बातें शामिल होती हैं। इन एक्सप्लेनर को लेकर वीडियो भी करते हैं। साथ ही NBT डिजिटल के स्थायी कॉलम मंडे मोटिवेशन, ट्यूजडे ट्रीविया और वेडनेसडे बिग टिकट के लिए डीप डाइव रोचक स्टोरी भी लिखते हैं। वह हर एक्सप्लेनर स्टोरी में सटीक संपादन के साथ-साथ रियल टाइम का ध्यान रखते हैं। इसके अलावा, वे गूगल ट्रेंड से जुड़ी स्टोरीज भी करते आए हैं, जो अहम टास्क है।

दिनेश मिश्र ने प्रयागराज महाकुंभ की ग्राउंड कवरेज की है। साथ ही 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान खबरों को डेस्क और ग्राउंड दोनों से कवर किया है। 2025 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ स्टेट असेंबली इलेक्शंस (हालिया महाराष्ट्र और बिहार चुनाव) के दौरान भी डेस्क से ओपिनियन पीस लिखने के साथ-साथ रियल टाइम एक्सप्लेनर भी किए। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों के खिलाफ एनबीटी फैक्ट चेक भी करते रहे हैं।

दिनेश मिश्र अपने करीब 16 साल के कॅरियर के दौरान प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया में डेस्क, ग्राउंड रिपोर्टिंग और इंटरव्यू करने के साथ अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते आए हैं। हिंदी और गीत-संगीत में दखल रखने वाले दिनेश मिश्र ने कई किताबों की समीक्षा भी की। दिनेश मिश्र ने जाने-माने गीतकार गुलजार और गोपालदास नीरज का इंटरव्यू किया, हिंदी के महान कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला के अनुभवों को लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की। दिनेश मिश्र ने शोले के निर्माता-निर्देशक रमेश सिप्पी का इंटरव्यू भी किया। वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर का इमरजेंसी के अनुभव पर इंटरव्यू किए और 1996 से लेकर 2001 तक अमेरिका में भारत के राजदूत रहे नरेश चंद्रा का भी इंटरव्यू किया है। इसके अलावा, हिंदी के बड़े लेखक गिरिराज किशोर और विश्वनाथ त्रिपाठी का इंटरव्यू भी किए।

नेशनल-इंटरनेशनल, बिजनेस और एंटरटेनमेंट की खबरों को लेकर मीडिया और सोशल मीडिया पर नजर रहती है। पहली प्राथमिकता है किसी भी खबर की सच्चाई के साथ विश्लेषण करना। इसके बाद उसका असर कहां और कितना पड़ेगा, इसे लेकर भी अवेयर रहते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव
दिनेश मिश्र का पत्रकारिता का कॅरियर हिंदी के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय अखबार दैनिक जागरण, नोएडा के सेंट्रल डेस्क के साथ साल 2010 में शुरू हुआ। इसके बाद से यह सफर 2013 में अमर उजाला, नोएडा से होता हुआ 2016 में राजस्थान पत्रिका के नेशनल इंटीग्रेटेड कंटेंट स्टेशन, नोएडा तक पहुंचा, जहां अखबार के साथ-साथ डिजिटल, टीवी और तीनों ही प्लेटफॉर्म पर एकसाथ काम किए। इसके बाद दिनेश मिश्र ने फिर 2019 में अमर उजाला में लौटे, जहां से 2021 में दैनिक भास्कर के डीबी डिजिटल में काम किया और एक्सप्लेनर और डीप डाइव-रिसर्च और स्पेशल स्टोरीज की बारीकियां सीखीं। इसके बाद अप्रैल, 2024 में दिनेश मिश्र देश के प्रतिष्ठित मीडिया समूह टाइम्स ऑफ इंडिया के नवभारत टाइम्स से जुड़े।

दिनेश मिश्र ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी, हरियाणा से पत्रकारिता से एमए किया। उससे पहले महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। उससे भी पहले वो समाज शास्त्र से भी एमए कर चुके हैं। दिनेश मिश्र ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा भी दी है और उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन की कई परीक्षाएं भी दीं। इसके अलावा, मिनिस्ट्री ऑफ सोशल जस्टिस एंड एमपावरमेंट के एक रिसर्च प्रोग्राम 6 महीने का सर्टिफिकेट कोर्स इन जेरियाट्रिक केयर भी किया है।… और पढ़ें