महाराष्ट्र के बजट में कई नई योजनाओं की घोषणा की गई है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्यमी योजना शुरू की जाएगी. इसके साथ ही महाराष्ट्र प्राकृतिक खेती अभियान भी चलाया जाएगा, ताकि किसानों को रसायन मुक्त खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा सके.
इसके अलावा मत्स्य पालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना शुरू की जाएगी. वहीं किसानों की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री बलीराजा खेत पगडंडी सड़क योजना भी लागू की जाएगी, जिसके तहत खेतों तक पहुंचने के लिए रास्तों का विकास किया जाएगा.
इसके साथ ही सीएम ने कहा कि महाराष्ट्र के बजट में कृषि क्षेत्र को लेकर बड़ा ऐलान किया गया है. सरकार ‘एग्री स्टैक’ योजना लागू करेगी, जिसके तहत महाराष्ट्र किसानों की पहचान पत्र प्रणाली बनाने वाला देश का पहला राज्य बनेगा. इसके तहत किसानों की विशेष पहचान बनाई जाएगी, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे उन्हें मिल सकेगा. सरकार के अनुसार अब तक लगभग एक करोड़ किसानों की आईडी तैयार की जा चुकी है.
महाराष्ट्र बजट 2026 में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह बजट विकसित महाराष्ट्र की झलक दिखाता है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र देश की आर्थिक इंजन है और देश को पाँच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में राज्य का बड़ा योगदान रहेगा. प्रादेशिक संतुलित विकास के लिए चार प्रमुख केंद्र तय किए गए हैं, जिनके तहत 16 उपकेंद्र निर्धारित किए गए हैं और आने वाले हर बजट में इसकी झलक दिखाई देगी.
मुंबई-पुणे ट्रेन परियोजना के लिए भी प्रावधान
पायाभूत सुविधाओं के तहत मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण को मंजूरी दी गई है. ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 30 हजार गांवों को जोड़ा गया है. 2450 किलोमीटर सड़कों का काम पूरा हो चुका है और 23 हजार पुलों का निर्माण कार्य जारी है. मुंबई-पुणे ट्रेन परियोजना के लिए भी प्रावधान किया गया है.
कृषि क्षेत्र में गोपीनाथ मुंडे दुर्घटना योजना में खेत मजदूरों को भी शामिल किया जाएगा. खेतों तक पहुंचने वाले पगडंडी रास्तों को मंजूरी दी गई है. 30 लाख से अधिक किसानों को मौसम और बाजार भाव की जानकारी दी जा रही है. चारों कृषि विश्वविद्यालयों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद ली जा रही है. एग्री स्टैक योजना लागू की जा रही है और फरवरी तक 1 करोड़ 31 लाख किसान पहचान पत्र बनाए जा चुके हैं. अगले दो वर्षों में महाराष्ट्र प्राकृतिक खेती अभियान शुरू किया जाएगा. गोपीनाथ मुंडे मंडल में अब खेत मजदूरों को भी शामिल किया जाएगा. महिला गोपालकों और बकरी पालकों के लिए विशेष योजनाएं लागू की जाएंगी.
उद्योग क्षेत्र में राज्य की नई निवेश नीति की घोषणा की गई है. हर जिले में सूक्ष्म और लघु उद्योग केंद्र स्थापित किए जाएंगे. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग केंद्र बनाकर लगभग 50 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है. प्रधानमंत्री सौर योजना के तहत छतों पर सौर ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा. बांस विकास परियोजना का विस्तार किया जाएगा. विदेशी निवेश के मामले में महाराष्ट्र देश में अग्रणी बताया गया है. मुंबई और पुणे में 50 अरब डॉलर के निवेश केंद्र विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है. गढ़चिरौली को नया इस्पात केंद्र बनाने की योजना है, जहां लगभग 2 लाख करोड़ रुपये का निवेश और 70 हजार रोजगार सृजित होने की संभावना है.
पर्यटकों के लिए रोपवे परियोजना बनाई जाएगी
क्रिएटिव उद्योग के तहत मुंबई में केंद्र सरकार की मदद से इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी शुरू किया जाएगा. पुणे को वैश्विक क्षमता केंद्रों के लिए देश का सबसे पसंदीदा शहर बताया गया है. गेमिंग उद्योग को बढ़ावा देने के लिए महाराष्ट्र में 295 से अधिक गेमिंग स्टूडियो स्थापित किए जाएंगे.
पर्यटन क्षेत्र में सातारा जिले के वासोटा किले तक पर्यटकों के लिए रोपवे परियोजना बनाई जाएगी. नागपुर के रामटेक में तीसरी चित्रसृष्टी विकसित की जाएगी.
शहरी विकास के तहत कहा गया कि राज्य की लगभग 70 प्रतिशत आबादी शहरी क्षेत्रों में होगी, इसलिए शहरी सेवाओं को डिजिटल बनाया जाएगा. बुलेट ट्रेन परियोजना के तीन स्टेशन वर्ष 2027 तक पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है. उरण क्षेत्र को तीसरी मुंबई के रूप में विकसित किया जाएगा और मुंबई में अवैध निर्माण रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे.
सरकार ने चौथी मुंबई के रूप में वधावन क्षेत्र को विकसित करने की योजना बताई है. मुंबई महानगर क्षेत्र में 10 लाख नए घर बनाए जाएंगे और नए अवैध निर्माण को रोकने के लिए रोडमैप तैयार किया जाएगा.