मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में आज (5 मार्च) भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप 2026 का सेमीफाइनल खेला जाएगा. मुकाबला बड़ा है, दबाव भी उतना ही. इसी के बीच एक खिलाड़ी पर सबकी नजरें टिकी हैं. खराब फॉर्म के बावजूद वह ऐसे बल्लेबाज हैं जो एक विस्फोटक शुरुआत से मैच की कहानी पलट सकते हैं. बात हो रही है अभिषेक शर्मा की.
अभिषेक शर्मा इस समय फॉर्म (0, 0, 0, 15, 55, 10) के लिए जूझ रहे हैं और नॉकआउट जैसे बड़े मुकाबले में यह सवाल और भी बड़ा हो जाता है कि क्या भारत उन्हें प्लेइंग इलेवन में बनाए रखेगा और उनसे कितनी उम्मीद करेगा. लेकिन टी20 क्रिकेट की यही खासियत है- यहां एक ही पारी पूरी कहानी पलट सकती है. ऊपर से वानखेड़े जैसा मैदान, जहां आक्रामक बल्लेबाजी अक्सर सतर्कता पर भारी पड़ती है, अभिषेक जैसे स्ट्राइकर के लिए बिल्कुल मुफीद माना जाता है.
दरअसल, भारत की टीम मैनेजमेंट भी इस संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रही. टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने सेमीफाइनल से पहले सार्वजनिक तौर पर अभिषेक का समर्थन किया है. संकेत साफ है- टीम अभी भी उस ‘इम्पैक्ट’ पर भरोसा कर रही है, जो यह बाएं हाथ का ओपनर दे सकता है.
वानखेड़े की वो रात, जिसे इंग्लैंड भूल नहीं सकता
2 फरवरी 2025…भारत और इंग्लैंड के बीच इसी मैदान पर टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला खेला गया था. उस रात अभिषेक शर्मा ने ऐसी पारी खेली, जिसने मैच का रुख ही नहीं, बल्कि पूरी टक्कर की याद बदल दी थी.
उन्होंने सिर्फ 54 गेंदों में 135 रन ठोक दिए थे- 7 चौके और 13 छक्कों के साथ. भारत ने 247/9 का विशाल स्कोर बनाया और इंग्लैंड को 150 रन से करारी हार दी.
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Keep the large hits coming, Abhishek Sharma! 😎
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— BCCI (@BCCI) February 2, 2025
यह सिर्फ बड़ी पारी नहीं थी, बल्कि ऐसी पारी थी जिसने मैच की गति ही बदल दी. अभिषेक के आक्रमण के बाद इंग्लैंड की गेंदबाजी योजनाएं लगातार बदलती रहीं. गेंदबाज अपनी तय लंबाई से भटकते गए और कप्तान को बार-बार फील्ड बदलनी पड़ी. एक बार जब अभिषेक लय में आए, तो इंग्लैंड सिर्फ प्रतिक्रिया देता रह गया- खेल पर नियंत्रण पूरी तरह भारत के पास चला गया.
यही वजह है कि उस पारी की अहमियत आज भी बनी हुई है. यह जरूरी नहीं कि अभिषेक फिर वही दोहराएं, लेकिन यह याद इंग्लैंड को जरूर सताएगी कि अगर उन्हें शुरुआती दो ओवर मिल गए, तो मैच की दिशा पलट सकती है.
भारत को आज क्या चाहिए?
भारत को अभिषेक से फिर 135 रनों की उम्मीद नहीं है. असल में उनकी भूमिका ही कुछ और है. टीम को जरूरत है पावरप्ले में तेज शुरुआत की- ऐसी शुरुआत जो इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों को उनकी पसंदीदा लाइन-लेंथ से हटा दे और फील्डिंग सेटअप बदलने पर मजबूर कर दे.
यह 15 गेंदों में 30 रन भी हो सकते हैं या 25 गेंदों में 40-45 रन… नॉकआउट मुकाबलों में ऐसी पारी कई बार शतक जितनी अहम साबित होती है, क्योंकि इससे स्कोरबोर्ड का दबाव और गेंदबाजी रणनीति दोनों बदल जाते हैं.
एक शॉट जो कहानी बदल सकता है
भारतीय टीम मैनेजमेंट को पता है कि अभिषेक इस समय अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नहीं हैं. लेकिन टी20 क्रिकेट में ऐसे खिलाड़ी अक्सर एक सही कनेक्शन से पूरी कहानी पलट देते हैं.
और जब मुकाबला इंग्लैंड के खिलाफ हो, मैदान वानखेड़े हो, और यादों में 54 गेंदों का 135 रन का तूफान मौजूद हो- तो यह संभावना और भी रोमांचक हो जाती है.
हो सकता है अभिषेक शर्मा इस वक्त सवालों के घेरे में हों, लेकिन यही खिलाड़ी भारत के लिए सेमीफाइनल की स्क्रिप्ट भी बदल सकता है.
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