
सोना चांदी की कीमत: सोना, चांदी और कॉपर में पिछले 8 दिनों में उछाल-चढ़ाव आया है। फार्मास्युटिकल्स 29 जनवरी को सोना, चांदी और कॉपर पीक पर थे। तब से लेकर अब तक चांदी की कीमत में 45 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है। सोना 22 प्रतिशत और कॉपर 16 प्रतिशत से अधिक गिर गया।
कुछ ही दिनों में एआईएनजी तेजी
29 जनवरी को तीन तिमाही (सोना, सिल्वर और कॉपर) की कीमत अपने शिखर पर थी। फ्लिपकार्ट पर सोना प्रति ग्राम 1.93 लाख रुपये, सिल्वर प्रति ग्राम 4.20 लाख रुपये और कॉपर प्रति ग्राम 1480 लाख रुपये था। पिछले एक साल में तीन किशोरी की कीमत में बेहताशा तेजी से आई थी और ये किशोरी की नजरें चढ़ गईं। लोग इन आर्काइव में निवेश करने लगे। चांदी में तेजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे 2 से 3 लाख तक की पहुंच में करीब 1 महीने और 3 लाख से 4 लाख रुपये तक की पहुंच में लगभग 10 दिन लगे थे।
तीन दिन में धड़ाम की कीमत हो गई
सोना, चांदी और कॉपर के स्टॉक में उथल-पुथल से वे निवेशक खुश थे, स्टॉक में निवेश हुआ था। जो लोग इन ऑटोमोबाइल को खरीदना चाहते थे, उनसे ये लगातार दूर हो रही थी। 29 जनवरी से अगले ही दिन यानी 30 जनवरी से उपयोगिता में एक मोड़ आता है और ये धड़ाम हो जाता है। तीन दिन तक कीमत कॉन्स्टेंट गिरी। यूनिट में हलचल मच गई। जिस समय इन अध्येताओं की कीमत गिरी, कुछ नए अध्येताओं ने इसे खरीद लिया। 2 फरवरी को इनमें से कुछ तेजी से आई। वस्तु की विशिष्टता वापस आ गई लेकिन ये धातुएं पुरानी कीमत पर नहीं लौटीं। दो दिन की कुछ तेजी के बाद फिर से समुद्र तट में गिरावट आई।
8 दिन में बदल गई तीन सितारों की दुनिया
सोना, चांदी और कॉपर के स्टॉक में 8 दिनों में बड़ा बदलाव आया है। इस बदलाव की कहानी शुरू हुई 29 जनवरी 2026 से ही शुरू हुई थी, जब इन दोस्तों की कीमत अपने शिखर पर थी। और उसी दिन यानी 29 जनवरी की रात से ही गिरावट आनी शुरू हो गई। अगले तीन दिनों में सोना 1.40 लाख रुपये से नीचे चला गया। चांदी की कीमत भी करीब 2.25 लाख रुपये है। कॉपर भी प्रति किलो 1156 रुपए तक गिर गया। कल शुक्रवार को निवेशकों पर सोना 1.55 लाख रुपये, चांदी 2.49 लाख रुपये और कॉपर 1242 रुपये पर बंद हुआ। शुक्रवार को दिन के कारोबार के दौरान सोना 1.49 लाख रुपये, चांदी 2.29 लाख रुपये और कॉपर करीब 1213 लाख रुपये तक गिर गया। ऐसे में 8 दिनों में सोना करीब 23 फीसदी, चांदी करीब 46 फीसदी यानी करीब-करीब आधे और कॉपर करीब 18 फीसदी गिर गया है।
क्यों आ रही है सोना-चांदी में गिरावट?
सोना- मलेशिया में गिरावट का सबसे बड़ा कारण अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना और वापसी है। इन विद्यार्थियों में 29 जनवरी की रात से जो गिरावट आई, उनका सबसे बड़ा कारण क्रांतिकारी था। वहीं स्थिर गिरावट अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना और फेडरल रिजर्व बैंक के नए प्रमुख की नियुक्ति है। बिजनेस होने वाली कमोडिटीज में अन्य मुद्राओं वाले देशों के लिए डॉलर की चोरी हो जाती है। ऐसे में वे शॉपिंग कम करते हैं। जहाँ ज़मा रिज़ (जमा रिज़) को और बढ़ाया गया है।
सोना- व्यवसाय में अब क्या करें निवेशक?
वैज्ञानिकों का कहना है कि चांदी में आई तेजी से गिरावट ने इसकी गुणवत्ता का आकलन किया है और शानदार प्रतिभाओं को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं। हालाँकि, उनका यह भी मानना है कि लंबी अवधि में चांदी की मांग और कीमत के आधार पर कारक अभी भी मजबूत हैं। जापान मॉर्गन के निवेश बैंकों ने चेतावनी दी है कि चांदी के मूल्य निर्धारण के कारण बाजार में तनाव के समय में बड़ी गिरावट हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि निकट भविष्य में जिले में कुछ स्थिरता आ सकती है और अगले वर्ष की स्थिरता की उम्मीद है। बाजार के उद्यमों ने एकमुश्त निवेश करने की सलाह दी है, बजाय किश्तों में निवेश करने के। इससे बाजार में प्रवेश के जोखिम को कम किया जा सकता है। अर्थ फिनमार्ट के मनोज कुमार जैन ने अनिष्ट को सलाह दी कि जब तक बाजार में स्थिरता न रहे, तब तक कीमती सामान के बाजार से दूर रहें।
